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EV: सरकारी विभागों में होंगे सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन, ऐसा पहला राज्य बनना चाहता है यूपी, जानें पूरा प्लान

Wed, 19 Apr 2023 08:21 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 19 Apr 2023 08:21 PM IST
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Uttar Pradesh aims to convert vehicles used in all government departments into electric vehicles EV
Yogi EV Plan - फोटो : Amar Ujala Graphics
उत्तर प्रदेश राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री और इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक लक्ष्य निर्धारित किया है। और सभी सरकारी विभागों में उपयोग किए जाने वाले वाहनों को 2030 तक चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि सभी सरकारी विभाग बिना टेंडर के भी नामांकन के आधार पर ईवी खरीद सकते हैं, जबकि ईवी की खरीद पर जरूरत के मुताबिक अधिकतम सीमा से ज्यादा खर्च किया जा सकता है। इस लक्ष्य को 2030 से पहले हासिल कर उत्तर प्रदेश सरकारी विभागों में 100 फीसदी ईवी रखने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है।
Uttar Pradesh aims to convert vehicles used in all government departments into electric vehicles EV
Tata Nexon EV - फोटो : For Reference Only
गौरतलब है कि राज्य में ईवी वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 14 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग एंड मोबिलिटी पॉलिसी 2022 की अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत सरकार ने ईवी की खरीद पर तीन साल तक टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट का प्रावधान किया है। वहीं, राज्य में निर्मित ईवी की खरीद पर यह छूट पांच साल के लिए मान्य होगी।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की ओर से जारी आदेश में उनके अधीन कार्यरत सभी विभागों और संस्थाओं को ईवी नीति के तहत 2030 तक 100 प्रतिशत वाहनों को ईवी में बदलने का निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि ईवी वाहनों को बिना टेंडर के नामांकन के आधार पर खरीदा जाना चाहिए और आधिकारिक आयोजनों के लिए वाहनों की खरीद की मौजूदा ऊपरी सीमा में छूट दी जानी चाहिए।
Uttar Pradesh aims to convert vehicles used in all government departments into electric vehicles EV
Electric Vehicles - फोटो : ANI
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, चूंकि अभी तक सरकारी वाहन GeM (जीईएम) पोर्टल पर टेंडर के जरिए खरीदे जाते थे, इसलिए ईवी कंपनियां इसमें पंजीकृत नहीं हैं। इसीलिए नीति में यह प्रावधान किया गया है कि बिना टेंडर के नामांकन के आधार पर राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रूमेंट लिमिटेड (आरईआईएल) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) आदि सरकारी एजेंसियों से ईवी खरीदे जा सकते हैं।
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Uttar Pradesh aims to convert vehicles used in all government departments into electric vehicles EV
EV Charging Stations - फोटो : For Reference Only
वहीं, चूंकि इलेक्ट्रिक वाहन फिलहाल पेट्रोल-डीजल से महंगे हैं, इसलिए सरकार ने वाहनों की खरीद पर खर्च की ऊपरी अधिकतम सीमा में भी छूट दी है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को वाहनों के लिए दिए जाने वाले अग्रिम में ईवी को भी शामिल किया जाए।

साथ ही कहा है कि विभाग इस पर निर्धारित समय में कार्रवाई सुनिश्चित करे। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए भी यह कदम उठाया गया है।
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Uttar Pradesh aims to convert vehicles used in all government departments into electric vehicles EV
For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि सभी राज्य सरकारें अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को मोटर वाहन, स्कूटर या बाइक खरीदने के लिए अग्रिम भुगतान करती हैं, जिसे अधिकारी या कर्मचारी को निर्धारित समय के भीतर वापस करना होता है। यह अग्रिम राशि कार, स्कूटर या बाइक खरीदने के लिए अलग से निर्धारित की जाती है।

राज्य सरकार की छूट केंद्र सरकार की सब्सिडी से अलग होगी। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से छूट मिलने से दोपहिया वाहनों के दाम 20,000 रुपये और कारों की कीमत करीब एक लाख रुपये कम होने की संभावना है।
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