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Hyundai-Toyota: ब्रिटेन में ह्यूंदै, टोयोटा ईवी के विज्ञापनों पर लगा प्रतिबंध, भ्रामक दावों पर हुई कार्रवाई
Thu, 29 Jun 2023 09:49 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 29 Jun 2023 09:49 PM IST
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Hyundai Ioniq 5 Electric SUV
- फोटो : Hyundai
कार निर्माता अक्सर नई इलेक्ट्रिक वाहन लेकर आते हैं और इसकी चार्जिंग क्षमताओं को लेकर बढ़-चढ़कर दावा करते हैं। टोयोटा का दावा है कि उसकी bZ4X SUV को 150 किलोवाट चार्जर का इस्तेमाल करके लगभग 30 मिनट में 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है, जबकि ह्यूंदै का दावा है कि उसके Ioniq 5 को 350 किलोवाट चार्जर के जरिए फुल होने में 18 मिनट लगते हैं। लेकिन क्या ये आंकड़े रियल लाइफ में लागू होते हैं?
Toyota BZ4X Auto Expo 2023
- फोटो : Toyota
कुछ विज्ञापनों पर लगी रोक
जब इन दोनों कार निर्माताओं ने अपनी दावा की गई चार्जिंग क्षमताओं के साथ UK (यूके) में अपने संबंधित मॉडलों का विज्ञापन किया, तो देश की विज्ञापन निगरानी संस्था Advertising Standards Agency (ASA), एडवरटाइजिंग स्टैंडर्डस एजेंसी (एएसए) ने तथ्यों को नहीं माना। टोयोटा और ह्यूंदै दोनों को चार्जिंग समय और हाई-स्पीड चार्जिंग स्टेशनों की वास्तविक उपलब्धता के बारे में ग्राहकों को गुमराह करने के लिए यूके और आयरलैंड में कुछ विज्ञापन चलाने से रोकने के लिए मजबूर किया गया है।
जब इन दोनों कार निर्माताओं ने अपनी दावा की गई चार्जिंग क्षमताओं के साथ UK (यूके) में अपने संबंधित मॉडलों का विज्ञापन किया, तो देश की विज्ञापन निगरानी संस्था Advertising Standards Agency (ASA), एडवरटाइजिंग स्टैंडर्डस एजेंसी (एएसए) ने तथ्यों को नहीं माना। टोयोटा और ह्यूंदै दोनों को चार्जिंग समय और हाई-स्पीड चार्जिंग स्टेशनों की वास्तविक उपलब्धता के बारे में ग्राहकों को गुमराह करने के लिए यूके और आयरलैंड में कुछ विज्ञापन चलाने से रोकने के लिए मजबूर किया गया है।
Hyundai Ioniq 5 Electric SUV
- फोटो : Hyundai
ईवी यूजर्स ने की शिकायत
कुछ ईवी यूजर्स ने कुछ शिकायतें दर्ज कराई थी कि विज्ञापन में बताई गई चार्जिंग टाइम रियल लाइफ के आंकड़ों के साथ मेल नहीं खाते हैं और क्विक चार्जर्स तक पहुंच भी दावे के मुताबिक नहीं है। इसकी जांच के बाद एएसए ने विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की। जब पूछताछ की गई, तो दोनों फर्मों ने माना कि ये आंकड़े आदर्श परिस्थितियों में हासिल किए गए थे।
कुछ ईवी यूजर्स ने कुछ शिकायतें दर्ज कराई थी कि विज्ञापन में बताई गई चार्जिंग टाइम रियल लाइफ के आंकड़ों के साथ मेल नहीं खाते हैं और क्विक चार्जर्स तक पहुंच भी दावे के मुताबिक नहीं है। इसकी जांच के बाद एएसए ने विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की। जब पूछताछ की गई, तो दोनों फर्मों ने माना कि ये आंकड़े आदर्श परिस्थितियों में हासिल किए गए थे।
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Hyundai Ioniq 5 Electric SUV
- फोटो : Hyundai
बैटरी चार्जिंग में ऐसे होता है फर्क
एएसए ने फैसला सुनाया कि बैटरी की लाइफ और स्थिति, बैटरी का तापमान और परिवेश का तापमान जैसे कई अन्य कारक ऐसे वाहनों के रियल चार्ज टाइम पर असर डाल सकते हैं, जो संभवतः उन्हें अपेक्षा से ज्यादा लंबा बना सकता है।
एएसए ने फैसला सुनाया कि बैटरी की लाइफ और स्थिति, बैटरी का तापमान और परिवेश का तापमान जैसे कई अन्य कारक ऐसे वाहनों के रियल चार्ज टाइम पर असर डाल सकते हैं, जो संभवतः उन्हें अपेक्षा से ज्यादा लंबा बना सकता है।
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For Reference Only
- फोटो : Toyota
टोयोटा को भी घेरा
एएसए ने यूके में आसानी से फास्ट चार्जर ढूंढने के टोयोटा के दावे पर भी सवाल उठाया। टोयोटा के विज्ञापन में दावा किया गया है कि ड्राइवर 'कई सार्वजनिक जगहों पर आसानी से रैपिड-चार्जिंग पॉइंट खोज सकते हैं।' जबकि 150 किलोवाट का आउटपुट देने में सक्षम 419 चार्जर थे, वे यूके भर में सिर्फ 134 स्थानों पर थे, जिनमें से सिर्फ सात स्कॉटलैंड में और दो वेल्स में थे। जबकि उत्तरी आयरलैंड में एक भी नहीं था।
एएसए ने यूके में आसानी से फास्ट चार्जर ढूंढने के टोयोटा के दावे पर भी सवाल उठाया। टोयोटा के विज्ञापन में दावा किया गया है कि ड्राइवर 'कई सार्वजनिक जगहों पर आसानी से रैपिड-चार्जिंग पॉइंट खोज सकते हैं।' जबकि 150 किलोवाट का आउटपुट देने में सक्षम 419 चार्जर थे, वे यूके भर में सिर्फ 134 स्थानों पर थे, जिनमें से सिर्फ सात स्कॉटलैंड में और दो वेल्स में थे। जबकि उत्तरी आयरलैंड में एक भी नहीं था।