ऑटो सेक्टर में कॉम्पैक्ट एसयूवी और एमपीवी सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। परिवारों में मल्टी पर्पज व्हीकल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं इस सेगमेंट में नई लॉन्चिंग से मांग भी तेजी से बढ़ी है। पिछले साल इस सेगमेंट में 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 2.2 लाख गाड़ियां बिकीं। इन गाड़ियों की कीमत छह लाख से 25 लाख के बीच थी।
परिवारों के बीच बेहद पसंद की जा रही हैं MPV गाड़ियां, बिक्री बढ़ने की यह है बड़ी वजह
मारुति अर्टिगा टॉप पर
ऑटो सेक्टर में एमपीवी सेगमेंट की हिस्सेदारी पांच से आठ फीसदी तक है। वहीं बाजार को इसके 10 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। किआ, मारुति सुजुकी और टोयोटा की नई लॉन्चिंग्स से यह सेगमेंट और बेहतरी की बाट जोह रहा है। वहीं इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी मारुति की नई पीढ़ी की अर्टिगा की है, जिसका मार्केट शेयर 50.03 फीसदी से ज्यादा है।
ट्राइबर और अर्टिगा के आने से बढ़ी रौनक
वहीं एंट्री लेवल सेगमेंट में रेनो ट्राइबर ने इसके 10 फीसदी हिस्से पर कब्जा जमाया है। टोयोटा इनोवा ने इस सेगमेंट के प्रीमियम हिस्से पर पहले ही कब्जा जमाया हुआ है, वहीं मारुति की XL6 और महिंद्रा मराजो ने मिडिल सेगमेंट पर। ईटी में छपी खबर के मुताबिक ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि एमपीवी खरीदते वक्त डिजाइन सबसे बड़ा कारण है। नई अर्टिगा के आने से एमपीवी सेगमेंट ने फिर से बाजार पर अपनी पकड़ बनाई है।
एमपीवी में पेट्रोल व्हीकल्स की मांग
जिसके चलते पहली बार कार खरीदने वाले भी न्यू जेनरेशन व्हीकल्स की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। वहीं उन खरीदारों की संख्या भी बढ़ी है, जो पैसे वालें और केवल टॉप-एंड वेरियंट ही खरीदते हैं। खास बात यह है कि एमपीवी में पेट्रोल व्हीकल्स की मांग भी बढ़ी है, जो पांच से सात सालों में पांच फीसदी से बढ़ कर 35 से 38 फीसदी तक पहुंच गई है। इसके अलावा मारुति अर्टिगा के सीएनजी वेरियंट ने इस सेगमेंट में नई राह जोड़ी है।
लुक और डिजाइन पर फिदा ग्राहक
मारुति के आंकड़ों के मुताबिक पिछले सात सालों में पहली बार कार खरीदने वालों में अर्टिगा खरीदारों की संख्या बढ़ कर 16 से 37 फीसदी हो गई है। इसकी वजह है कि इसका सस्ता होना। रेनो इंडिया की ट्राइबर आने से छह लाख सेगमेंट में 62 फीसदी का उछाल आया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हो रही है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि ज्यादा स्पेस, फीचर्स और शानदार डिजाइन के चलते यह सेगमेंट तेजी से बदल रहा है।