नए बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने में मात्र तीन महीने शेष हैं। वहीं भारतीय ग्राहक अभी भी पेशोपेश है कि उसे नई गाड़ी लेनी चाहिये या नहीं। कुछ कंपनियां नए उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियां लॉन्च भी कर चुकी हैं। फिर भी ग्राहक कन्फ्यूज हैं। शुरुआती विश्लेषण बताते हैं कि डीजल वाहनों, दोपहिया वाहनो और मझोले कमर्शियल वाहनों की कीमतें बढ़ने का जबरदस्त असर ग्राहकों पर पड़ेगा।
खरीदने जा रहे हैं BS6 इंजन वाली SUV या कार, तो ज्यादा जेब ढीली करने के लिए हो जाएं तैयार
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आठ से 10 फीसदी की बढ़ोतरी तय
हालांकि पेट्रोल से चलने वाले वाहनों जैसे कॉम्पैक्ट कारों और एसयूवी पर तीन से पांच फीसदी तक ही बढ़ोतरी होगी, जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों की कीमतों में सीधे-सीधे 8 से 10 फीसदी तक की बढोतरी होना तय है। क्योंकि कंपनियां इन्हें भी जल्द से जल्द बीएस6 में अपग्रेड करेंगी। अनुमान जताया जा रहा है कि कैब ऑपरेटर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ये बढ़ोतरी ग्राहकों पर डालेंगी। कुल मिलाकर बीएस6 को खरीदना और रखरखाव बेहद महंगा साबित होने वाला है।
बाजार पर पड़ेगा असर
उदाहरण के लिए 10 लाख रुपये वाली डीजल एसयूवी की कीमत बीएस6 आने के बाद कम से कम 80 हजार रुपये बढ़ जाएंगी। वहीं ग्राहक भी इस बढ़ोतरी को पसंद नहीं करेंगे। एसयूवी बनाने वाली कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे ज्यादा डीजल से चलने वाली एसयूवी बनाती है और पिछले कुछ महीनों से घटती बिक्री का सामना कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बाजार के लिए अच्छी खबर नहीं है और कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल वेरियंट्स पर फोकस करना होगा।
कई डीजल मॉडल्स सड़क से होंगे बाहर
महिंद्रा ने हाल ही में अपनी सब-क़म्पैक्ट एसयूवी XUV300 के पेट्रोल वेरियंट को बीएस6 इंजन में अपग्रेड किया है, वहीं जल्द ही बाकी के वाहनों को भी अपडेट किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले साल एक दर्जन से ज्यादा कई डीजल गाड़ियां बाजार से गायब हो जाएंगी। मारुति सुजुकी अपनी कई गाडियों के डीजल वेरियंट बंद करने वाली है और उसका फोकस पेट्रोल गाड़ियों पर ही रहेगा। जिसकी भरपाई ग्राहकों को करनी होगी, क्योंकि डीजल गाड़ियों के मुकाबले मॉडर्न पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियां कम माइलेज देती हैं।
रखरखाव होगा महंगा
विशेषज्ञों के मुताबिक गौर करने वाली बात यह है कि बीएस6 पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों को बीएस4 ईंधन पर चलाया जा सकता है। लेकिन बीएस6 डीजल गाड़ियों के साथ ऐसा होना संभव नहीं है। बीएस6 डीजल गाड़ियों के लिए ईँधन अहम कारक है क्योंकि उनके इंजेक्टर्स और फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम ईंधन की गुणवत्ता पर निर्भर करते हैं। फ्यूल इंजेक्शन टेक्नोल़ॉजी के चलते उनका रखरखाव भी महंगा हो जाएगा।