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होंडा और निसान ने मिलाया हाथ: 2029 की गाड़ियों के लिए क्या बड़ी डील की? जानें पूरी डिटेल्स

Mon, 31 Aug 2026 05:31 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 31 Aug 2026 05:31 PM IST
सार

जापानी ऑटोमोबाइल दिग्गज निसान और होंडा ने वित्त वर्ष 2029 तक बाजार में आने वाले वाहनों के लिए कंप्यूटर पार्ट्स और सॉफ्टवेयर संयुक्त रूप से विकसित करने का अहम समझौता किया है।

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Nissan and Honda Join Forces to Develop Car Software and Chips for 2029 Models
Honda And Nissan Partnership - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जापान की प्रमुख वाहन कंपनियां निसान और होंडा अब भविष्य की कारों के लिए सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मिलकर विकसित करेंगी। दोनों कंपनियों ने वित्त वर्ष 2029 में बाजार में आने वाले वाहनों के लिए कंप्यूटर से जुड़े पुर्जों और सॉफ्टवेयर के संयुक्त विकास को लेकर समझौता किया है।

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यह साझेदारी ऑटोमोबाइल उद्योग में तेजी से बढ़ती सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जहां वाहन के कई फीचर्स और कार्य हार्डवेयर के बजाय सॉफ्टवेयर के जरिए नियंत्रित और अपडेट किए जा सकेंगे। 

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निसान और होंडा मिलकर क्या विकसित करेंगी?

इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां वाहनों में इस्तेमाल होने वाले कोर इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट्स (ECUs) के लिए मानकीकृत कंपोनेंट्स साझा करेंगी। इसके अलावा, इन वाहनों के लिए सॉफ्टवेयर के विकास में भी सहयोग किया जाएगा।

ECU किसी आधुनिक वाहन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का अहम हिस्सा होता है। वाहन में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल फीचर्स के साथ इन कंप्यूटर आधारित प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। 
 

दोनों कंपनियों ने सहयोग की शुरुआत कब की थी?

निसान और होंडा ने वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिक वाहनों और ऑटोमोटिव इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत शुरू की थी।

हालांकि, सोमवार को घोषित नए समझौते में किसी विशेष इलेक्ट्रिक वाहन या मॉडल का नाम नहीं लिया गया है। इसका मुख्य फोकस सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स पर है, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हो सकते हैं। 

Nissan and Honda Join Forces to Develop Car Software and Chips for 2029 Models
Nissan Motor and Honda Cars - फोटो : Nissan Motor, Honda Cars

सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल क्या होते हैं?

  • सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स ऐसे वाहन हैं, जिनके कई फंक्शन और फीचर्स को सॉफ्टवेयर के जरिए नियंत्रित और अपडेट किया जा सकता है। यानी आधुनिक कारें अब केवल इंजन और मैकेनिकल सिस्टम पर आधारित मशीनें नहीं रह गई हैं। बल्कि वे बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, कंप्यूटर सिस्टम और सॉफ्टवेयर से लैस होती जा रही हैं। 
  • ऑटोमोबाइल उद्योग में ऑटोमेटेड ड्राइविंग और जीरो-एमिशन जैसी नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ वाहन निर्माता सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास पर तेजी से निवेश कर रहे हैं।


मिलकर काम करने से निसान और होंडा को क्या फायदा होगा?

  • दोनों कंपनियों का मानना है कि कंपोनेंट्स साझा करने और रिसर्च एवं डेवलपमेंट में सहयोग से विकास लागत को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, नई तकनीकों को तेजी से विकसित किया जा सकेगा।
  • एक जैसे मानकीकृत कंपोनेंट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने से उत्पादन के दौरान इकोनॉमी ऑफ स्केल का फायदा भी मिल सकता है और निवेश को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
  • दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा कि तेज विकास चक्र और अधिक कुशल निवेश के जरिए प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने की जरूरत को देखते हुए सॉफ्टवेयर क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर व्यापक अध्ययन किया गया है।
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क्या अन्य कार कंपनियां भी सॉफ्टवेयर पर मिलकर काम कर रही हैं?

  • ऑटोमोबाइल उद्योग में सॉफ्टवेयर विकास को लेकर साझेदारी का चलन बढ़ रहा है। यूरोप की फॉक्सवैगन, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज और स्टेलेंटिस जैसी कंपनियां भी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में सहयोग कर रही हैं। ताकि साझा ऑपरेटिंग सिस्टम और तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकें।
  • तेजी से बदलती तकनीक के बीच वाहन कंपनियों के लिए अकेले हर क्षेत्र में निवेश करना महंगा और समय लेने वाला साबित हो सकता है। ऐसे में साझेदारी को लागत कम करने और तकनीकी विकास की रफ्तार बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।

क्या टोयोटा के मुकाबले यह साझेदारी निसान और होंडा को मजबूत करेगी?

  • जापान की सबसे बड़ी वाहन कंपनी टोयोटा के मुकाबले निसान और होंडा का बाजार प्रभाव अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में दोनों कंपनियों के बीच तकनीकी सहयोग से उन्हें प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिल सकती है।
  • टोयोटा का नाम पहले निसान और होंडा के साथ सॉफ्टवेयर सहयोग की चर्चाओं में सामने आ चुका है। हालांकि सोमवार को घोषित समझौते में टोयोटा शामिल नहीं है।
  • टोयोटा भी सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अन्य कंपनियों के साथ काम कर रही है। इनमें टोयोटा समूह की सुबारू और अमेरिका की ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी कंपनी वेमो शामिल हैं।

आगे किन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी?

  • निसान और होंडा ने कहा है कि उनकी रणनीतिक साझेदारी केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगी। दोनों कंपनियां जीरो-एमिशन तकनीक, सड़क हादसों में कमी और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशती रहेंगी।
  • दोनों वाहन निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिफिकेशन टेक्नोलॉजी भविष्य में उनके सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। ऐसे में 2029 तक आने वाली नई पीढ़ी की कारों के विकास में यह साझेदारी निसान और होंडा की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है।
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