यूरोपीय संघ (EU) (ईयू) चीन से आयात किए गए इलेक्ट्रिक वाहनों पर निश्चित टैरिफ (शुल्क) लगाने के लिए 25 सितंबर को एक मतदान करने का लक्ष्य बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक योजना से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी है।
मतदान नवंबर से शुल्क लागू करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। जब तक कि एक योग्य बहुमत - यूरोपीय संघ की 65% आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 सदस्य देश - इस कदम का विरोध नहीं करते। नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले लोगों ने कहा कि मतदान की तारीख अभी भी बदल सकती है।
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BYD Dolphin Electric Car
- फोटो : BYD
यूरोपीय संघ ने SAIC मोटर कॉर्प, Volvo Car AB (वोल्वो कार एबी) की मालिक Geely (गीली) और BYD (बीवाईडी) कंपनी पर क्रमशः 36.3%, 19.3% और 17% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। जो चीन के निर्यातकों पर पहले से लागू 10% टैरिफ के अतिरिक्त है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन दरों में थोड़ा संशोधन करके इसे कम किया जा सकता है। टेस्ला इंक को बेस ड्यूटी के अलावा 8% से थोड़ी कम दर का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
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Geely’s Zeekr X Electric Car
- फोटो : Zeekr
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पिछले साल ईवी जांच शुरू की थी। जिसमें कहा गया था कि चीनी कंपनियां सरकारी सब्सिडी से अनुचित लाभ उठा रही हैं और यूरोप के बाजारों को अतिरिक्त उत्पादन से भर रहे हैं। इसके जवाब में, बीजिंग ने ब्रांडी, डेयरी और पोर्क उत्पादों के यूरोपीय संघ के निर्यात में एंटी-डंपिंग जांच शुरू की।
चीन और यूरोपीय संघ टैरिफ के विकल्प तलाशने के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ये बातचीत सफल नहीं हुई है। ब्रुसेल्स के लिए, किसी भी समाधान को विश्व व्यापार संगठन के नियमों के आधार पर होना चाहिए। और यूरोपीय संघ की जांच में पहचानी गई अंतर्निहित हानिकारक सब्सिडी को संबोधित करना चाहिए।
चर्चा अगले सप्ताह जारी रहेगी जब चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेनताओ यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख वाल्डिस डोम्ब्रोव्स्की से मिलने के लिए यूरोप का दौरा करेंगे।
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MG4 Electric Car
- फोटो : MG Motor
चीन का दावा है कि ये उपाय संरक्षणवादी हैं और उसने कई क्षेत्रों पर अपने शुल्क लगाकर जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है। साथ ही वह सभी विवादों को एक पैकेज के रूप में हल करने के लिए एक समझौते की मांग कर रहा है। बीजिंग WTO में भी इन उपायों को चुनौती दे रहा है। लोगों ने कहा कि यूरोपीय संघ चीनी जांच को प्रतिशोध के रूप में देखता है और तीनों जांचों में अपने हितों की रक्षा करने का इरादा रखता है।