एक वक्त था जब देश में डीजल कारों की बिक्री जमकर होती थी, लेकिन 2020 आते-आते इनकी बिक्री कम होती गई। इसकी बड़ी वजह रही BS6 उत्सर्जन मानक। लागत में बढ़ोतरी के चलते मारुति पहली कंपनी थी जिसने पिछले साल ही एलान कर दिया था वह गाड़ियों में डीजल इंजन नहीं देगी। वहीं अगर आप अभी भी डीजल गाड़ी लेने के उत्सुक हैं, तो मारुति ने खास टूल आपके लिए निकाला है, जो डीजल और पेट्रोल कारों की कीमतों को कैलकुलेट करेगा।
खरीदनी है डीजल या पेट्रोल कार, Maruti Suzuki के इस खास टूल से दूर होगी कंफ्यूजन
खास कैलकुलेटर तैयार किया
कभी देश में सबसे ज्यादा डीजल कारें बेचने वाली मारुति सुजुकी ने 2020 के आने से पहले ही डीजल इंजन से तौबा कर ली। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि पेट्रोल कारों के मुकाबले डीजल कारें ज्यादा कारगर होती हैं। हो सकता है, जो लोग डीजल कारें इस्तेमाल करते हैं वे ऐसा सोच सकते हैं, लेकिन मारुति की सोच इन सबसे से बिल्कुल अलग है। इसी सोच की तर्ज पर मारुति ने लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसा खास कैलकुलेटर तैयार किया है जो बताएगा कि डीजल कारों की तुलना में पेट्रोल कारें बेहतर विकल्प बन सकती है।
बना रही है केवल पेट्रोल गाड़ियां
मारुति के इस टूल को लॉन्च करने की वजह भी पेट्रोल इंजन ही हैं, बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने के चलते कंपनी अब केवल पेट्रोल या सीएनजी गाड़ियां ही बना रही है। हालांकि मारुति की पेट्रोल कारें सबसे ज्यादा बिकती हैं लेकिन डीजल गाड़ियों की मांग अभी भी बनी हुई हैं। 2019 में मारुति की कुल बिक्री का 77.5 फीसदी हिस्सा पेट्रोल कारों का था, जबकि 22.5 फीसदी हिस्सा डीजल कारों का। मारुति ने उस दौरान 1.15 लाख पेट्रोल कारें बेचीं, जबकि डीजल गाड़ियों की संख्या 34 हजार थी।
फायदे मिलने में लग जाते हैं कई साल
एक वक्त था जब डीजल और पेट्रोल की कीमतों में 10 से 15 रुपये का अंतर होता था, जो अब घट कर दिल्ली से में दो रुपये से भी कम रह गया है। वहीं मारुति का पेट्रोल वर्सेस डीजल कार कैलकुलेटर निकालने का उद्देश्य यह है कि डीजल कार पूरे फायदे मिलने में कई साल लग जाते हैं, वहीं डीजल कारों करी कीमत पेट्रोल कारों से ज्यादा होती है, जिससे लागत बढ़ जाती है। आम धारणा यह है कि यह अतिरिक्त लागत डीजल कारों कम रनिंग कॉस्ट से वसूल की जा सकती है। लेकिन अब ऐसा सोचना बेकार है।
डीजल कारों की मेंटेनेंस ज्यादा
वहीं डीजल कारों की मेंटेनेंस पेट्रोल कारों के मुकाबले बेहद ज्यादा होती है। जिससे डीजल कारो की लागत बढ़ती है। लोगों की आम सोच है कि डीजल कारें लंबे वक्त के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन आजे के वक्त में जब लोग चार-पांच साल बाद कारें बदल देते हैं, ऐसे में लंबे वक्त तक रखने की सोच भारी पड़ सकती है। अगर आपको डीजल कार के पूरे फायदे मिलने में 10 साल लगते हैं, तो कोई क्यों इतने लंबे वक्त के लिए ज्यादा प्रीमियम चुकाएगा। यूजर इस टूल को www.marutisuzuki.com/petrol-diesel-car-calculator पर जाकर खुद जानकारी जुटा सकते हैं।