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भारत में बड़ा दांव खेलने की तैयारी!: स्कोडा-फॉक्सवैगन और JSW ग्रुप के बीच क्या डील हुई है? जानें पूरी डिटेल्स
Wed, 09 Sep 2026 06:19 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Wed, 09 Sep 2026 06:19 PM IST
सार
भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में JSW ग्रुप और स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया ने इंडियाना पार्टनरशिप की परियोजनाएं तलाशने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। जानें क्या हैं इसके मायने और दोनों कंपनियों की योजनाएं।
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Skoda-Volkswagen and JSW Deal
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया (Skoda Auto Volkswagen India) ने जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) के साथ एक नॉन-बाइंडिंग मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी दुनिया के तीसरे सबसे बड़े पैसेंजर व्हीकल मार्केट में कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता और मुनाफे को बढ़ाने के इरादे से की जा रही है। भारत में स्कोडा के नेतृत्व में चल रहे इस जर्मन ग्रुप की इस प्रस्तावित साझेदारी का उद्देश्य भारत में उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार, स्थानीय सोर्सिंग बढ़ाना और मैन्युफैक्चरिंग के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) क्षमताओं को मजबूत करना है।
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इस साझेदारी को लेकर ऑटोमेकर का आधिकारिक बयान क्या है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया ने इस साझेदारी की पुष्टि की है। कंपनी ने कहा:"इस प्रस्तावित सहयोग का मुख्य उद्देश्य नए प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, गहरी लोकलाइजेशन और मजबूत विनिर्माण व R&D क्षमताओं के जरिए भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना है। यह दो-पक्षीय साझेदारी संयुक्त नियंत्रण, स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिकाओं और तेज निर्णय लेने वाले तंत्र पर आधारित होगी। प्लेटफॉर्म सिनर्जी और लोकल सोर्सिंग से भारतीय बाजार के लिए प्रतिस्पर्धी उत्पाद पेश करने, उत्पादन बढ़ाने और लाभप्रदता में सुधार करने में मदद मिलेगी।"
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MG Windsor Electric Car
- फोटो : JSW MG Motor India
स्कोडा-फॉक्सवैगन और JSW दोनों के लिए यह साझेदारी क्यों अहम है?
जर्मन वाहन निर्माता फॉक्सवैगन के लिए यूरोप से बाहर विस्तार करने के लिहाज से भारत एक बेहद अहम बाजार है। हालांकि कंपनी को लंबे समय से यहां अपने पैर जमाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह साझेदारी भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में वैश्विक ब्रांड्स के सामने आ रही चुनौतियों को भी रेखांकित करती है।दूसरी ओर, JSW ग्रुप के लिए यह अपनी ऑटोमोटिव महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान देने का सुनहरा मौका है। स्टील से लेकर एनर्जी सेक्टर में दबदबा रखने वाले इस समूह ने 2023 में चीन की SAIC मोटर के साथ JSW MG मोटर इंडिया के जरिए पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कदम रखा था। अब फॉक्सवैगन ग्रुप के साथ हाथ मिलाकर JSW भारतीय कार बाजार में अपनी स्थिति और अधिक मजबूत करेगा।
इस जॉइंट वेंचर के तहत किस तरह की कारें बनाई जाएंगी?
इस प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के तहत JSW ग्रुप और स्कोडा-फॉक्सवैगन इंडिया मिलकर न सिर्फ भारतीय बाजार बल्कि वैश्विक बाजारों में निर्यात के लिए भी नई कारों का विकास, निर्माण और बिक्री करेंगे।- पोर्टफोलियो: इसके तहत पेट्रोल-डीजल (ICE), पूरी तरह से इलेक्ट्रिक (EV), प्लग-इन हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियां शामिल की जाएंगी।
- टेक्नोलॉजी व क्षमता: दोनों कंपनियां लोकल कंपोनेंट सोर्सिंग बढ़ाने, व्हीकल प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी शेयर करने के साथ-साथ प्रोडक्शन कैपेसिटी के विस्तार पर मिलकर काम करेंगी।
Volkswagen Car
- फोटो : Volkswagen
फॉक्सवैगन को भारत में नए पार्टनर की जरूरत क्यों पड़ी?
भारत में पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से मौजूद रहने के बावजूद फॉक्सवैगन ग्रुप की बाजार हिस्सेदारी फिलहाल लगभग 2 प्रतिशत के आसपास है। FY26 में बिक्री दोगुनी होने से कंपनी का मुनाफा जरूर 50 प्रतिशत बढ़ा है। लेकिन भारतीय बाजार में अगले चरण के विस्तार और निवेश के जोखिम को बांटने के लिए उसे एक स्थानीय सहयोगी की जरूरत थी।इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भी फॉक्सवैगन दबाव में है। यूरोप में चीनी ऑटो कंपनियों से मिल रही कड़ी चुनौती, चीन के बाजार में सुस्ती और टैरिफ के दबाव के कारण निवेशकों की ओर से लागत घटाने की मांग उठ रही है। इन तमाम परिस्थितियों के बीच भारत में अपनी अगली ग्रोथ के लिए फंड जुटाने और लागत को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए फॉक्सवैगन ने JSW ग्रुप का हाथ थामा है।