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Air Pollution: मंडरा रही है जहरीली हवा की धुंध! पटाखा बैन की चर्चा के बीच दिल्ली में क्लीन वाहनों पर है नजर
Fri, 20 Oct 2023 06:03 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 20 Oct 2023 06:03 PM IST
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Delhi air
- फोटो : PTI
साल का वह समय फिर से आ गया है जब मौसम में थोड़ी ठंडक है और जहरीली हवा की धुंध मंडरा रही है, जो दिल्ली और राजधानी शहर में और इसके आसपास रहने वाले सभी लोगों को अपनी चपेट में लेने और दम घुटने का खतरा पैदा कर रही है। दिवाली में बस कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, पटाखों और इनसे कितना धुआं निकलता है, इस पर होने वाली सालाना बहस एक बार फिर जोर पकड़ रही है। ऐसे में दिल्ली सरकार एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) शहरों और कस्बों से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल कसने की अपील कर रही है।
दिल्ली वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
पिछले कई दशकों से, लॉकडाउन के कुछ महीनों को छोड़कर, दिल्ली लगभग हर सर्दियों में बेहद जहरीली हवा की चपेट में रही है। शहर और आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) (एक्यूआई) बहुत ज्यादा मात्रा में उच्च तीन अंकों में दर्ज किया जाता है। कई बात तो यह आंकड़ा इतना ज्यादा होता है कि लगता है प्रदूषण के हर पिछले आंकड़े को तोड़ देगा। और हालांकि इस बात पर कोई आम सहमति नहीं बन पाई है कि कौन सा स्रोत प्रदूषण को बढ़ाने में सबसे ज्यादा योगदान देता है और कहां से। लेकिन वाहन प्रदूषण अक्सर पराली जलाने और हवा की अनुकूल दिशाओं की कमी के साथ-साथ बड़े पैमाने पर होने वाले प्रदूषण के लिए जिम्मेदार मानी जाती है।
Fire Crackers
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान दिल्ली सरकार ने इस साल वायु गुणवत्ता के खतरे से निपटने के लिए विभिन्न उपाय सुझाए। इस बात पर जोर देते हुए कि इस दिवाली पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। राय ने एनसीआर क्षेत्रों से सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने की अनुमति देने का भी आग्रह किया। खास तौर से, उन्होंने एनसीआर क्षेत्र को डीजल से चलने वाली बसों के संचालन को प्रतिबंधित या रोकने के लिए भी कहा।
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दिल्ली में वायुप्रदूषण
- फोटो : PTI
हालांकि विवादास्पद ऑड-इवेन ट्रैफिक रेगुलेशन सिस्टम का कोई जिक्र नहीं किया गया था। जिसे पहले दिल्ली में विभिन्न समय पर लागू किया गया था। यहां सरकार ट्रैफिक सिग्नलों पर प्रतीक्षा के दौरान वाहनों को बंद करने पर केंद्रित अपने अभियान को वापस लाने की योजना बना रही है।
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वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम
- फोटो : istock
पिछले साल अक्तूबर में स्वतंत्र पर्यावरण थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि दिल्ली में 21 अक्तूबर से 26 अक्तूबर के बीच पीएम 2.5 प्रदूषण का आधा हिस्सा वाहनों के उत्सर्जन के कारण हुआ। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले साल दिवाली 24 अक्तूबर को मनाई गई थी, जबकि इस साल यह 12 नवंबर को है।