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Shani Vakri 2022: आज से शनि चलेंगे उल्टी चाल, जानें किन राशियों पर होगा सबसे ज्यादा असर

Mon, 06 Jun 2022 12:04 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 06 Jun 2022 12:04 AM IST
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Shani Vakri 2022 Know the Effect Of Retrogade Saturn on  all 12 Zodiac Signs
शनिशनि देव लगभग ढाई वर्ष तक एक राशि में रहते हैं और इसके बाद ही ग्रह दूसरी राशि में गोचर करता है। - फोटो : अमर उजाला

Shani Vakri 2022:  सभी ग्रहों में से शनि देव को सबसे धीमी गति से चलने वाला न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है, जो कर्म का प्रदाता भी है। . यह ग्रह व्यक्ति के कार्य और व्यवसाय को सबसे अधिक प्रभावित करता है। शनि देव लगभग ढाई वर्ष तक एक राशि में रहते हैं और इसके बाद ही ग्रह दूसरी राशि में गोचर करता है। सभी ज्योतिषियों के लिए शनि एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह है और इसी कारण से किसी व्यक्ति की कुंडली का अध्ययन करते समय ज्योतिषी विशेष रूप से कुंडली में शनि की स्थिति को देखते हैं। शनि अब कुंभ राशि में रहते हुए वक्री हो गए हैं। शनि ग्रह को सभी नौ ग्रहों में न्यायाधीश और कर्मफलदाता माना गया है। ज्योतिष में शनि का राशि परिवर्तन, अस्त ,मार्गी और वक्री होना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि की चाल में बदलाव से सभी जातकों के जीवन में इसका व्यापक असर पड़ता है। शनि इसके बाद 12 जुलाई को वक्री रहते हुए मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के 5 जून से लेकर 12 जुलाई तक कुंभ राशि में वक्री चाल से कुछ राशि के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है तो कुछ के लिए अच्छा समय भी आ सकता है। आइए जानते हैं सभी राशियों पर इस गोचर का क्या असर पड़ेगा। 

Shani Vakri 2022 Know the Effect Of Retrogade Saturn on  all 12 Zodiac Signs
mesh rashifal 2022 - फोटो : अमर उजाला

मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम और एकादश भाव के स्वामी हैं। कुंडली का दशम भाव नौकरी, व्यापार और कर्म का प्रतिनिधित्व करता है। जबकि एकादश भाव आय, लाभ और सफलता का प्रतिनिधित्व करता है। आज 5 जून को एकादश भाव में शनि की वक्री गति इस दौरान मेष राशि के जातकों को शुभ फल देगी। शनि की यह वक्री गति आपके करियर को मजबूती देगी और इस वजह से जो लोग नौकरी की तलाश में हैं या नौकरी बदलने की सोच रहे हैं उनके लिए भी यह समय अच्छा रहेगा। व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए भी कार्यस्थल पर समय अनुकूल रहेगा। क्योंकि उन्हें इस अवधि में अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। आर्थिक दृष्टि से इस समय आपकी आय में अच्छी वृद्धि होने की पूरी संभावना रहेगी।

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TAURUS RASHIFAL - फोटो : अमर उजाला

वृषभ
वृष राशि के जातकों के लिए शनि नवम और दशम भाव का स्वामी है। वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में नवम भाव को भाग्य का कारक माना गया है और दशम भाव को करियर का कारक माना गया है। ऐसे में शनि देव के दसवें भाव में वक्री होने से वृष राशि वालों को करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलेगी। जो लोग नौकरी बदलने की सोच रहे हैं उनके लिए यह समय विशेष रूप से अच्छा रहने वाला है। इसके अलावा शनि देव आपके भाग्य के स्वामी होने के कारण आपको अपने भाग्य का भी पूरा साथ मिलेगा। इससे आप अपने जीवन में सफलता अर्जित करने में सफल रहेंगे। इस समय विवाहित जातकों का अपने साथी के साथ किसी न किसी कारण से अनबन हो सकती है। वहीं यदि आप साझेदारी के व्यवसाय में लगे हैं तो आपको थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इस दौरान आपको व्यापार में नुकसान की संभावना नजर आ रही है। अपने आर्थिक जीवन में भी आपको इस अवधि के दौरान अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी।

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Shani Vakri 2022 Know the Effect Of Retrogade Saturn on  all 12 Zodiac Signs
Gemini - फोटो : अमर उजाला

मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव आपके अष्टम और नवम भाव के स्वामी हैं। वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में, आठवां घर कुछ बड़े परिवर्तन, दीर्घायु का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि नौवां घर भाग्य और प्रसिद्धि से संबंधित है। ऐसे में अब शनि देव आपके नवम भाव यानी भाग्य में वक्री होंगे। इसके फलस्वरूप आपको भाग्य का साथ मिलेगा। लेकिन फिर भी आपको  स्वास्थ्य के प्रति अधिक सावधान रहने की आवश्यकता होगी। खासकर वे लोग जो अपनी पिछली कुछ समस्याओं से जूझ रहे थे, उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। क्योंकि इस बात की प्रबल संभावना है कि कोई बीमारी आपको अचानक से परेशान कर सकती है, इसलिए यदि आवश्यक हो तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह लें।

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Cancer - फोटो : अमर उजाला

कर्क राशि 
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि आपके सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सप्तम भाव जीवन साथी और साझेदारी से जुड़ा होता है, जबकि अष्टम भाव किसी बड़े परिवर्तन और दीर्घायु से संबंधित होता है। ऐसे में अब शनि देव आपके अष्टम भाव में वक्री होंगे। अष्टम भाव में वक्री शनि कई लोगों को कुछ पुराने रोग दे सकता है और इससे आपकी परेशानी और बढ़ेगी। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि शुरू से ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए छोटी से छोटी समस्या को भी नज़रअंदाज न करें। हालांकि निजी जीवन के लिए समय थोड़ा बेहतर रहने वाला है। खासकर अगर आप शादीशुदा हैं तो इस समय आपको सामान्य से बेहतर परिणाम मिलेंगे। इसके साथ ही अष्टम भाव में शनि की वक्री स्थिति भी कर्क राशि के शत्रुओं और विरोधियों का नाश करने की संभावना पैदा करेगी।

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