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Sankashti Chaturthi 2020: संकष्टी चतुर्थी आज, जानें पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Thu, 03 Dec 2020 06:47 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 03 Dec 2020 06:47 AM IST
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Sankashti Chaturthi 2020 December shubh muhurat puja vidhi and significance
संकष्टी चतुर्थी 2020 - फोटो : Pixabay

Sankashti Chaturthi 2020: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आज 3 दिसंबर को संकष्टी चतुर्थी है। धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। यह पर्व गणेश भगवान को समर्पित है। इस दिन व्रत रखकर भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है। इससे भगवान गणेश प्रसन्न होकर व्रतधारी की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि और महत्व।

Sankashti Chaturthi 2020 December shubh muhurat puja vidhi and significance
संकष्टी चतुर्थी मुहूर्त - फोटो : Pixabay

संकष्टी चतुर्थी मुहूर्त
सर्वार्थ सिद्धि योग – दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लेकर 04 दिसंबर को सुबह 6 बजकर 59 मिनट तक
चन्द्रोदय का समय – शाम 7 बजकर 51 मिनट
संध्या पूजा – शाम 5 बजकर 24 मिनट से शाम 6 बजकर 45 मिनट तक

Sankashti Chaturthi 2020 December shubh muhurat puja vidhi and significance
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि - फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
संकष्टी चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह उठें और स्नान करें। इसके बाद इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। भगवान गणेश की पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। सकंष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश को स्वच्छ आसन पर विराजित करें। 
 

भगवान गणेश की प्रतिमा के आगे धूप-दीप प्रज्जवलित करें। ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः का जाप करें। पूजा के बाद भगवान को लड्डू या तिल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं। शाम को व्रत कथा पढ़कर चांद देखकर अपना व्रत खोलें। अपना व्रत पूरा करने के बाद सामर्थ्य के अनुसार दान करें।

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Sankashti Chaturthi 2020 December shubh muhurat puja vidhi and significance
संकष्टी चतुर्थी 2020 - फोटो : अमर उजाला
गणेश जी को जरूर चढ़ाएं ये चीजें

शास्त्रों में भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जाती है। गणेश को दूर्वा (घास) बहुत प्रिय है इसलिए संकष्टी चतुर्थी के दिन उन्हें दूर्वा जरूर अर्पित करना चाहिए। संकष्टी चतुर्थी के दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करें और उनके समक्ष घी का दीपक जरूर जलाएं। साबूत हल्दी की गांठ गणपति महाराज को चढ़ाने से वर्तमान में चल रही सारी परेशानी दूर हो जाती है।

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संकष्टी चतुर्थी 2020 - फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व

गणपति महाराज को विघ्नहर्ता के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से सभी तरह के कार्यों को पूरा करने में जरूर सफलता मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि संकष्टी के दिन गणपति की पूजा-आराधना करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं। शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। वे अपने भक्तों की सारी विपदाओं को दूर करते हैं और उनकी मनोकामनाएं को पूर्ण करते हैं।  

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