पहले के समय में ज्यादातर साधु-संतों और सन्यासियों को ही रूद्राक्ष माला धारण किया हुए देखा जा सकता था, परंतु आज के समय लोग फैशन में भी गले और हाथों में भी रूद्राक्ष की माला धारण करने लगे हैं। रूद्राक्ष में स्वयं भगवान शिव की शक्ति समाहित मानी गई है। रूद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आश्रुओं से मानी जाती है। मान्यता है कि रूद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है। धार्मिक दृष्टि से ही नहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से भी रूद्राक्ष पहनना बहुत लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसे धारण करते समय व्यक्ति को कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि किसे ये माला धारण करनी चाहिए-किसे नहीं और नहीं तो क्यों
किन्हें नहीं धारण करनी चाहिए 'रूद्राक्ष' की माला, जानें नियम
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Tue, 02 Feb 2021 12:14 PM IST
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