साल 2018 आपके लिए औसत ही रहने वाला है, इसलिए इस वर्ष प्रत्येक काम के लिए आपको एक अच्छी आैर ठोस प्लानिंग करने की जरूरत होगी, तभी अच्छे परिणाम मिलेंगे। दरअसल, वर्षांत अक्तूबर तक राशि स्वामी बृहस्पति मंगल के साथ अष्टम मृत्यु भाव में रहेंगे, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष कई कड़वे अनुभव कराएगा। यह योग स्वास्थ्य संबंधी चिंता, आर्थिक तंगी, व्यर्थ-भागदौड़, दांपत्य जीवन में कटुता तथा प्रेम-संबंधों में वियोग का सामना करने जैसे हालात उत्पन्न करेगा। ऐसे में आपको अधिक धैर्य की आवश्यकता है।
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आर्थिक स्थिति की बात करें, तो सूर्य, शनि एवं शुक्र की दशम भाव में युति कार्य-व्यापार के लिए नई चुनौतियां पेश करेंगी। मंदी और कर्ज तनाव दे सकते हैं, इसलिए पैसे के लेन-देन में सावधानी बरतें। साथ्ा ही अपने खर्चों पर ध्यान दें। हालांकि अक्तूबर से गुरु के भाग्य भाव में जाने से सभी बिगड़े कार्य बनने लगेंगे।
व्यापारी वर्ग नए कार्य-व्यापार का आरंभ कर सकते हैं। आय के नए स्रोत सामने आएंगे। निवेश करने की सोच रहे हैं, तो मार्च के बाद का समय आपके लिए शुभ है। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वालों के लिए यह वर्ष कई अप्रत्याशित परिणाम देगा, लेकिन पढ़ाई में समय भी देना होगा, तभी परिणाम आपके पक्ष में आएगा। इस साल आपके रुके कार्य भी बनेंगे।
अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो शिक्षण, प्रबंधन, संपादन, प्रकाशन, बैंकिंग, एकाउंटिंग के छात्रों को इस साल सफलता मिल सकती है। कार्यस्थल पर अपने सीनियर्स से अनावश्यक वाद-विवाद न करें, नहीं तो नौकरी में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मई-जून में ग्रह-गोचर कामयाबी के बेहतरीन योग बना रहे हैं, परिणामस्वरूप आपकी कार्य योजनाएं सफल रहेंगी |
साल के उपाय
पुस्तकें दान करें। कुल मिलाकर साल 2018 उतार-चढ़ावों के साथ बीतने वाला है। इसलिए ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचने और भाग्योदय के लिए ये उपाय आजमाएं। अहिंसा का मार्ग अपनाएं। वृक्षारोपण करें। बृहस्पति मंत्र का जाप एवं व्रत करना भी शुभ रहेगा। पुस्तकें दान करने से समय सर्वथा अनुकूल रहेगा |