समस्त प्रकार के भौतिक सुख देने वाले शुक्र ग्रह 21 फरवरी की रात्रि 2 बजकर 19 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में शुक्र 17 मार्च 2021 तक स्थित रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सौंदर्यता, कला, भौतिक सुख, काम-वासना, विवाह आदि का कारक माना जाता है। कुंभ राशि के लिए शुक्र ग्रह अति योगकारक होते हैं। इस कारण सात राशियों के लिए यह गोचर बेहद शुभ फलकारी साबित हो सकता है। इन सात राशियों पर शुक्र देव इस प्रकार अपनी कृपा बरसा सकते हैं -
Venus Transit 2021: शुक्र के गोचर से ये सात राशि वाले होंगे मालामाल, 21 फरवरी को बदल रहे हैं राशि
मेष: लक्ष्मी योग के कारण होगा लाभ
गोचर के प्रभाव से लक्ष्मी योग के परिणामस्वरुप कार्य व्यापार में उन्नति होगी। दिया गया धन भी वापस मिलने का योग बनेगा। शादी-विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं भाइयों से मतभेद न पैदा होने दें। शिक्षा प्रतियोगिता के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।
वृष: कार्य-व्यापार में होगी उन्नति
इस अवधि में आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। कार्य व्यापार में उन्नति के साथ-साथ पद और गरिमा की वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आपकी कलात्मक शक्तियों का विकास होगा। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित पड़े कार्यो का निपटारा होगा। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय और अनुकूल रहेगा।
मिथुन: भाग्य में होगी वृद्धि
गोचर के प्रभाव से आपके धर्म-कर्म के मामलों में रूचि बढ़ेगी। आपकी आध्यात्मिक शक्तियों के जागृत होने का समय है। लिए गए निर्णय तथा किए गए कार्यों की सराहना होगी। भाग्योन्नति के साथ साथ नौकरी में पदोन्नति तथा नए अनुबंध की प्राप्ति के योग। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा विदेशी नागरिकता के लिए किया गया आवेदन सफल रहेगा। अपनी ऊर्जाशक्ति के बलपर कठिन हालात को भी नियंत्रित कर लेंगे।
तुला: संतान से जुड़ी चिंता होगी दूर
शुक्र का यह गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए तो यह समय अतिशुभ रहेगा। सरकारी सर्विस के लिए आवेदन अथवा विदेशी कंपनी में आवेदन करना हो तो भी परिणाम अच्छा ही रहेगा। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। व्यापार में भी अच्छी उन्नति होगी।