ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी को अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर से देवताओं का दिन शुरू होगा और मलमास खत्म हो जाएगा। सूर्य के मकर राशि में इस गोचर से 3 राशियों को सावधान रहना होगा। आइए जानते हैं वो 3 राशियां कौन सी है।
वार्षिक राशिफल 2023
मेष राशिफल 2023। वृषभ राशिफल 2023 । मिथुन राशिफल 2023 । कर्क राशिफल 2023 । सिंह राशिफल 2023 । कन्या राशिफल 2023
तुला राशिफल 2023 । वृश्चिक राशिफल 2023 । धनु राशिफल 2023 । मकर राशिफल 2023 । कुंभ राशिफल 2023 । मीन राशिफल 2023
मिथुन राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होते हैं। इस भाव से व्यक्ति के साहस और पराक्रम का विचार किया जाता है। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य अब आठवें भाव में गोचर करेंगे। इस भाव में विराजमान सूर्य की दृष्टि अब आपके दूसरे भाव पर होगी। अष्टम भाव में सूर्य का गोचर शुभ नहीं होता है। इस समय आपको बेहद सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है। इस समय आपको धन के लेनदेन के मामलों में सावधान रहना होगा वही अपनी वाणी से किसी को नुकसान नहीं करना है। सरकारी नौकरी कर रहे जातकों को इस समय सीनियर का सहयोग नहीं मिलेगा जिससे उनका मन थोड़ा परेशान हो सकता है।
मकर राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होते हैं जो की अशुभ भाव माना गया है । इस भाव से जीवन में होने वाली दुर्घटना और आकस्मिक घटनाओं का विचार किया जाता है। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य अब लग्न में ही गोचर करने वाले है। इस भाव में विराजमान सूर्य की दृष्टि अब आपके सप्तम भाव पर होने वाली है। इस समय आपके कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है। आपके पिता के साथ आपके मतभेद उभर सकते है। हड्डियों से जुडी किसी परेशानी से आपका सामना हो सकता है। इस समय आपको सलाह दी जाती है कि अपनी पत्नी के साथ व्यर्थ मतभेद न होने दे।
कुंभ राशि- इस राशि के जातकों के लिए सूर्य मारक स्थान के स्वामी होते हैं। सप्तम भाव से वैवाहिक जीवन और साझेदारी का विचार किया जाता है। इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर अब बारहवें भाव से होने जा रहा है। इस भाव में विराजमान सूर्य की दृष्टि अब आपके छठे भाव पर होगी। इस समय आपको अपने कीमती सामान का ध्यान रखना होगा। नौकरी में जो तरक्की आप चाह रहे है उसमे अभी थोड़ा समय लगने वाला है। इस समय सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को थोड़ी कठिनाई महसूस हो सकती है। इस गोचर के दौरान आयात और निर्यात से जुड़े कारोबारी वर्ग को पैसे से जुड़ी कठिनाई सामने आ सकती है।