शनि अब कुंभ राशि में मार्गी हो गए हैं। शनिदेव बीते 15 नवंबर 2024 को अपनी स्वराशि कुंभ में रहते हुए मार्गी हुए हैं। आपको बता दें शनिदेव 30 जून से कुंभ राशि में वक्री चाल से चल रहे थे,जो अब 139 दिन बाद अपनी चाल बदली है। शनि 29 मार्च 2025 तक कुंभ राशि में ही रहेंगे ,फिर इसके बाद राशि परिवर्तन करते हुए मीन राशि में गोचर होंगे। जहां पर यह फरवरी 2028 तक रहेंगे।
वरीयान योग में शनिदेव हुए मार्गी
शनि देव 15 नवंबर 2024 को जब वक्री से मार्गी हुए तो उस समय वरीयान योग का संयोग बना हुआ था। आपको बता दें कि 27 योगों में से वरीयान योग 18वां योग है जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इय योग का संबंध गुरु ग्रह और भगवान कुबेर से है। जो भी जातक इस योग में जन्म लेता है वह बहुत निपुण और करियर में अच्छी सफलता को प्राप्त करता है।
कुंभ राशि में शनि के मार्गी होने का प्रभाव
ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह है ऐसे में इनका प्रभाव जातकों को जीवन पर काफी लंबे समय तक रहता है। शनि के राशि परिवर्तन के अलावा यह समय-समय पर मार्गी और वक्री भी होते हैं। शनि के वक्री से मार्गी होने का मतलब होता है कि अब जीवन में स्पष्टता और कार्यों में सफलता मिलती है। वहीं शनि के वक्री होने पर कार्यो में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए अब शनि के मार्गी प्रभाव से जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी आएगी।
शनिदेव 15 नवंबर 2024 से कुंभ राशि के जातकों के लिए उनके लग्न यानी पहले भाव में माग्री हुए हैं। आपको बता दें कि शनिदेव कुंभ राशि वालों के लिए पहले और बारहवें भाव के स्वामी होते हैं। शनि के कुंभ राशि में मार्गी होने से जो लोग व्यापार में हैं उन्हें अपने प्रतिद्वंदियों का सामना करना पड़ेगा और उनसे कड़ी टक्कर भी मिलेगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा प्राप्त करने के लिए कुछ अब अलग तरह की रणनीतियों को अपनाना होगा। वहीं नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में अपने अधिकारियों से बहस भी हो सकती है। सेहत के मामले में आपको सावधानी बरतनी होगी। इस दौरान कोई आपके साथ दुर्घटना घट सकती है।
ज्योतिष में शनिदेव का महत्व
ज्योतिष में शनिदेव को न्यायाधिपति, अनुशासन और कर्मफलदाता ग्रह माना गया है। शनिदेव मंद चाल से चलने वाले ग्रह हैं, जिसके कारण यह लंबे समय तक एक राशि में रहते हैं। शनिदेव मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं। यह तुला राशि में उच्च के और मेष राशि में नीच के होते हैं। वहीं पुष्य, अनुराधा और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी हैं। कुंडली में शनि के शुभ स्थान पर होने पर शनिदेव अच्छे फल प्रदान करते हैं वहीं शनि के अशुभ स्थान पर होने पर व्यक्ति के कार्यो में देर और बाधाएं आती हैं।
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आज का राशिफल
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शनि कुंभ राशि में मार्गी होने से 12 राशियों पर प्रभाव
कुंभ राशि में शनि के मार्गी होने पर कुछ राशियों का भाग्य बदलेगा और कार्यो में सफलताएं प्राप्त होगी वहीं कुछ राशि के जातकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
मेष राशि
शनि ग्रह मेष राशि के जातकों के लिए दशम और एकादश भाव के स्वामी होकर यह आपके ग्यारहवें भाव में मार्गी होंगे। लाभ भाव में गोचर करते हुए मार्गी शनिदेव का प्रभाव अच्छा रहेगा। आय के साधन में वृद्धि होगी और सोची-समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी।
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वृषभ राशि
मंद गति से चलने वाले शनि ग्रह वृषभ राशि के जातकों के लिए नवम और दशम भाव के स्वामी होकर यह आपके दसवें भाव में मार्गी होंगे। राशि से दशम कर्मभाव में गोचर करते हुए मार्गी शनिदेव का प्रभाव मिला-जुला रहेगा। कार्य व्यापार में उन्नति होती रहेगी। शनि देव का मार्गी होना कुल मिलाकर आपके लिए अनुकूल रहेगा।
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मिथुन राशि
कर्मफलदाता शनि ग्रह मिथुन राशि के जातकों के लिए आठवें और नवम भाव के स्वामी होकर यह आपके नवम भाव में मार्गी होंगे। राशि से नवम भाग्यभाव में गोचर करते हुए मार्गी शनि देव का प्रभाव बेहतरीन रहेगा। कार्यों में सफलता अच्छी मिलेगी। अपने पराक्रम के बल पर विषम हालात को भी आसानी से नियंत्रित कर लेंगे। धर्म और आध्यात्म के प्रति रुझान बढ़ेगा।
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कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए शनिदेव सातवें और आठवें भाव के स्वामी होकर यह आपके अष्टम भाव में मार्गी होंगे। राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए मार्गी शनिदेव का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता विशेष करके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। बीमारियों से घिरे रह सकते है। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। इन सबके बावजूद आर्थिक उन्नति होती रहेगी।