फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pitra Dosh: लाल किताब में 10 प्रकार के पितृ दोष, करे कोई और भरे कोई, कैसे पाएं छुटकारा

Mon, 13 Mar 2023 08:53 AM IST
विनोद शुक्ला शैली प्रकाश
शैली प्रकाश Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 13 Mar 2023 08:53 AM IST
विज्ञापन
Pitru Dosha In Kundali Know Reason Effects And Remedies Pitra Dosh Ke Upay
pitru dosh : किसी कुंडली में शुक्र, बुध या राहु दूसरे, पांचवें, नौवें अथवा बारहवें भाव में हों तो जातक पितॄ ऋण से पीड़ित माना जाता है। - फोटो : अमर उजाला
किसी कुंडली में शुक्र, बुध या राहु दूसरे, पांचवें, नौवें अथवा बारहवें भाव में हों तो जातक पितॄ ऋण से पीड़ित माना जाता है। यदि नौवें घर में शुक्र, बुध या राहु है तो यह कुंडली पितृ दोष की है। इसके अलावा लाल किताब में दशम भाव में बृहस्पति को श्रापित माना गया है। सातवें भाव में बृहस्पति होने पर आंशिक पितृ दोष होता है। यदि लग्न में राहु बैठा है तो सूर्य कहीं भी हो उसे ग्रहण होगा और यहां भी पितृ दोष होगा। चन्द्र के साथ केतु और सूर्य के साथ राहु होने पर भी पितृ दोष होगा।


लाल किताब के अनुसार आपके पूर्वजों या पितरों ने कोई गलत कार्य किया है तो उसका भुगतान आपको भी करना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि करे कोई और भरे कोई। उदाहरणार्थ कई ऐसी समस्याएं होती है जिन्हें हम जेनेटिक प्रॉब्लम कहते हैं। इन 10 तरह के ऋणों से छुटकारा पाने का बहुत ही आसान तरीका जानिए। कई बार संकेतों से यह बात समझ में न आए तो लाल किताब के विशेषज्ञ को कुंडली दिखाएं।
 
Pitru Dosha In Kundali Know Reason Effects And Remedies Pitra Dosh Ke Upay
pitru

1. पूर्वजों का ऋण : आपके पूर्वजों या पितरों के द्वारा किए गए पाप कर्म का फल आपको भुगतना पड़ रहा है जो यह पूर्वजों का ऋण आप पर लगा है। यानी करे कोई और भरे कोई। यदि यह आपकी कुंडली में ऋण है तो खून से जुड़े रिश्तेदारों की कुंडली में भी होगा। इसका लक्षण यह है कि सभी कार्य अटके पड़े रहेंगे और रिश्तों में आपसी प्रेम नहीं रहेगा। राजयोग भी नष्ट हो जाता है।

उपाय : पूरे परिवार को ही इसका उपाय करना होता है। सभी सदस्य बराबरी का धन या अनाज एकत्रित करके मंदिर में दान करें। गुरु का उपाय करें।

2. पितृ ऋण : यदि जातक की कुंडली में शुक्र, बुध या राहु दूसरे, पांचवें, नौवें अथवा बारहवें भाव में है तो यह पितृ ऋण की कुंडली मानी जाएगी। पूर्व में पूर्वजों ने पुजारी बदला होगा या किसी मंदिर अथवा देव स्थान पर तोड़फोड़ की होगी। यह भी हो सकता है कि पीपल का पेड़ काटा होगा। ऐसे में यह ऋण आप पर लगा है। 

उपाय: परिवार के सभी सदस्यों से सिक्के के रूप में पैसे इकट्ठा करें और गुरुवार के दिन पूरे पैसे मंदिर में दान कर दें। पीपल के पेड़ को समय समय पर जल अर्पित करते रहें।

Pitru Dosha In Kundali Know Reason Effects And Remedies Pitra Dosh Ke Upay
pitru
3. स्वयं का ऋण : कुंडली में शुक्र, शनि, राहु या केतु पांचवें भाव में स्थित हों, तो जातक स्वयं के ऋण से पीड़ित माना जाता है। इसका कारण यह रहा होगा कि आपके पितरों ने कुल की परंपरा और रीति रिवाजों को मानने से इनकार कर दिया होगा। इसका लक्षण ये है कि यदि आपके घर के नीचे या आसपास भट्टी जल रही है या छत से सूर्य का प्रकाश आने के लिए कई सारे छेद होंगे। आप नास्तिक विचारधारा से जुड़ गए होंगे।

उपाय: सभी सगे संबंधियों के सहयोग से बराबर-बराबर पैसे इकट्ठा करके यज्ञ कराना चाहिए।
 
4. मातृ ऋण : यदि कुंडली में केतु चौथे भाव में है तो यह मातृ ऋण की कुंडली मानी जाएगी। कारण यह माना जाता है कि आपके पूर्वजों ने किसी मां को उपेक्षित किया होगा या उसे सताया होगा। यह भी माना जाता है कि बच्चे के जन्म के बाद मां को उससे दूर रखा होगा। इसका संकेत यह है कि आसपास के कुएं में कचरा आप कचरा डाल रहे हैं या नाला बन गई नदी में कचरा फेंक रहे हैं। आप बदबू वाले क्षेत्र में रहते हैं। 
 
उपाय: अपने सभी सगे संबंधियों से बराबर-बराबर मात्रा में चांदी या चावल लेकर किसी नदी में बहाएं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Pitru Dosha In Kundali Know Reason Effects And Remedies Pitra Dosh Ke Upay
pitru
5. पत्नी ऋण : कुंडली में जब सूर्य, चन्द्र या राहु दूसरे अथवा सातवें भाव में हो, तो जातक स्त्री-ऋण से ग्रसित माना जाता है। इसका कारण यह है कि आपके पूर्वजों या बड़े बुजुर्गों ने किसी लालच के कारण किसी गर्भवती महिला को मारा होगा या सताया होगा। इसका संकेत यह है कि घर में आपने ऐसे जानवर पाल रखें होंगे जो समूह नहीं रहते हों।

उपाय: सभी सगे संबंधियों से बराबर-बराबर मात्रा में पैसे लेकर उससे 100 गायों को ताजा हरा चारा खिलाएं।

6. संबंधी का ऋण : लाल किताब के अनुसार जब बुध और केतु कुंडली के प्रथम अथवा आठवें भाव में हो, तो जातक पर संबंधी का ऋण माना जाता है। इसका कारण यह हो सकता है कि आपके पूर्वजों ने किसी की फसल या घर में आग लगाई हो, किसी को जहर दिया हो अथवा किसी की भैंस को मार डाला हो। इसका संकेत यह है कि घर के बच्चों के जन्मदिन पर, त्योहारों पर या अन्य महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रम पर घर परिवार से दूर रहना और रिश्तेदारों से कभी नहीं मिलना।

उपाय: अपने सभी सगे संबंधियों से बराबर-बराबर मात्रा में पैसे लेकर उससे दूसरों की मदद के लिए किसी डॉक्टर को दें या उससे दवाएं खरीदकर धर्मार्थ संस्थाओं को दें।
विज्ञापन
Pitru Dosha In Kundali Know Reason Effects And Remedies Pitra Dosh Ke Upay
पितृपक्ष - फोटो : SOCIAL MEDIA
7. पुत्री ऋण : कुंडली में चंद्रमा जब तीसरे या छठे भाव में हो, तो जातक को पुत्री ऋण से पीड़ित माना जाता है। इसका कारण यह हो सकता है कि जातक के किसी पूर्वज ने किसी की बहन या बेटी को सताया या मारा होगा। इसका संकेत यह है कि बच्चों को सताया या मारा होगा या बच्चों से लाभ कमाने का कार्य किया होगा।

उपाय: सभी सगे संबंधियों से पीले रंग की कौड़ियां खरीद कर उसे एक जगह इकट्ठी करके जलाकर राख कर दें और उस राख को उसी दिन नदी में बहा दें।

8. जालिमाना ऋण : कुंडली में सूर्य, चन्द्रमा, मंगल कुंडली के दसवें और ग्यारहवें भाव में हो, तो जातक को जालिमाना ऋण लगता है। इसका कारण यह है कि आपके पूर्वजों या पितरों ने किसी को अपने को धोखा दिया होगा, उसे घर से बाहर निकाल दिया होगा या उसका हक मारा होगा। इसका संकेत यह है कि आपके घर का एक द्वार दक्षिण में खुलता होगा, घर किसी कुएं के ऊपर निर्मित किया होगा या घर की जमीन किसी ऐसे व्यक्ति से ली गई होगी जिसके पुत्र न हो।

उपाय: सभी परिजनों से अनाज या भोजन एकत्रित करके अलग-अलग जगह की 100 मछलियों या मजदूरों को भोजन कराएं।

यह भी पढ़ें-
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed