मंगल का मिथुन राशि में प्रवेश
महान ग्रह पृथ्वी पुत्र मंगल 13 मार्च की सुबह 5 बजकर 2 मिनट पर वृषभ राशि की यात्रा समाप्त करके मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 10 मई को दोपहर 1 बजकर 48 मिनट तक गोचर करेंगे, उसके बाद कर्क राशि में चले जाएंगे। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। सभी राशियों के लिए इनका गोचर कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
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मेष राशि-
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ऊर्जाशक्ति से भरपूर रहेंगे। साहस-पराक्रम के वृद्धि होगी। लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी। अपनी कार्यकुशलता के बल पर विषम परिस्थितियों पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे। परिवार में विशेष करके छोटे भाइयों से अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न होने दें। धर्म और अध्यात्म के प्रति रुझान बढे़गा। अनाथालयों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य भी करेंगे।
वृषभ राशि
राशि से द्वितीय धनभाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का सामना करवाएगा। स्वास्थ्य विशेष करके दाहिनी आंख, दांत और कान से संबंधित समस्या से सावधान रहना पड़ेगा। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद गहरा सकता है। किसी महंगी वस्तु का क्रय करेंगे। सफलताओं के बावजूद कहीं न कहीं पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ेगा। मकान अथवा वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी अवसर अनुकूल है।
मिथुन राशि
आपकी राशि में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा कहा जा सकता है विशेष करके स्वास्थ्य संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। अपनी जिद और आवेश को नियंत्रित रखते हुए कार्य करेंगे तो पूर्ण सफल रहेंगे। झगड़े विवाद तथा कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी। शादी-विवाह से संबंधित वार्ता में थोड़ा और विलंब होगा। साझा व्यापार करने से बचें।
कर्क राशि
राशि से बारहवें व्यय भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव अत्यधिक भागदौड़ और खर्च का सामना करवाएगा। मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। स्वास्थ्य विशेष करके आंख से संबंधित समस्या से सावधान रहना पड़ेगा। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा। वह धन समय पर नहीं मिलेगा। विवादित मामले कोर्ट कचहरी से बाहर ही सुलझाएं।