Grahan Yog After 18 Years Impact Rashifal: वेदों पर आधारित ज्योतिषीय गणना के अनुसार जून 2025 में एक बेहद प्रभावशाली और संवेदनशील संयोग बन रहा है। 16 जून को चंद्रमा ने कुंभ राशि में प्रवेश किया, जहां पहले से ही राहु स्थित है। इस युति से ग्रहण योग का निर्माण होगा, जो कुंभ राशि में करीब 18 साल बाद बन रहा है। यह योग 16 जून से 18 जून शाम 6:35 बजे तक सक्रिय रहेगा।
Grahan Dosh: राहु-चंद्रमा की युति से बना ग्रहण दोष, इन 4 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
Grahan Dosh: 16 जून 2025 को चंद्रमा और राहु की युति से कुंभ राशि में 18 साल बाद ग्रहण योग बन रहा है, जो 18 जून शाम 6:35 बजे तक प्रभाव में रहेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्क राशि
इस समय कर्क राशि के जातकों को मानसिक और भावनात्मक रूप से अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहण योग इनकी कुंडली के आठवें भाव में बन रहा है, जो अचानक घटनाओं, स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक परेशानी से जुड़ा होता है। नींद की कमी, पारिवारिक तनाव और विचारों में उलझन बनी रह सकती है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और अनावश्यक खर्चों से बचें। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के विवाद में पड़ने से बचना फायदेमंद रहेगा।
धनु राशि
धनु राशि के लोगों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राहु और चंद्रमा की युति गुप्त शत्रु, विवाद और बीमारी का कारण बन सकती है। छोटी सी लापरवाही भी किसी बड़ी समस्या का रूप ले सकती है। अग्नि और दुर्घटनाओं से संबंधित जोखिम से सतर्क रहें। वैवाहिक जीवन में तनाव और व्यापारिक नुकसान की भी संभावना है। इस समय किसी को उधार देना या नया आर्थिक सौदा करना उचित नहीं होगा।
कुंभ राशि
चूंकि यह ग्रहण योग कुंभ राशि में ही बन रहा है, इसलिए इसका असर सबसे गहरा हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में रुकावटें, वरिष्ठों से मतभेद और टीम में विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वैवाहिक और प्रेम संबंधों में भी तनाव बढ़ सकता है। पार्टनरशिप में काम करने वालों को धोखा या विवाद का सामना करना पड़ सकता है। इस समय किसी भी प्रकार के निवेश या जोखिम भरे निर्णय से बचना ही बेहतर होगा।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण योग बारहवें भाव में बन रहा है, जो हानि, मानसिक भ्रम और अनचाही यात्राओं से जुड़ा होता है। इस समय व्यर्थ की यात्राओं से आर्थिक नुकसान हो सकता है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। कार्यस्थल पर झूठे आरोप या किसी के साथ टकराव की संभावना है। चंद्रमा और राहु की युति के कारण अकेलापन, बेचैनी और मनोवैज्ञानिक तनाव महसूस हो सकता है। ध्यान और नियमित दिनचर्या से राहत मिल सकती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।