Easter Sunday 2025: ईस्टर पर क्यों सजाए जाते हैं अंडे? जानें क्या है इसका धार्मिक महत्व
ईस्टर के दिन अंडों को सजाने और उपहार में देने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि ईस्टर संडे से अंडे का क्या संबंध है।
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प्राचीन काल से ही अंडे को नई शुरुआत और सृजन की निशानी के तौर पर देखा जाता है। जब यीशु मसीह ने मृत्यु के तीन दिन बाद पुनर्जन्म लिया, तो यह घटना भी एक नई शुरुआत और पुनर्जन्म का प्रतीक बनी। इसलिए अंडे को ईस्टर के साथ जोड़ा गया और यह यीशु के पुनर्जीवित की खुशी और एक नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गया।
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मध्यकाल में यूरोप में ईस्टर के समय अंडों को सजाने और उपहार के रूप में देने की परंपरा शुरू हुई। खासकर यह रूसी और ग्रीक परंपराओं में काफी लोकप्रिय हुआ, जहां लोग रंगीन और सुनहरे अंडे सजाए जाते थे। ये सजाए गए अंडे न केवल एक कला का रूप थे, बल्कि एक धार्मिक प्रतीक भी माने जाते थे।
बच्चों के बीच ईस्टर एग हंट यानी अंडे खोजने का खेल भी काफी प्रचलित है। इसमें प्लास्टिक या असली अंडों को घर या बगीचे में छिपा दिया जाता है और बच्चे उन्हें ढूंढते हैं। यह खेल बच्चों को ईस्टर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से भी जोड़ता है।
आजकल ईस्टर अंडों में चॉकलेट या मिठाइयां भी भरी जाती हैं। यह पर्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक उत्सव का भी प्रतीक माना जाता है, जिसमें सभी उम्र के लोग शामिल होकर खुशी मनाते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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