ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले बुध 08 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि पर ये 25 जुलाई की सुबह 4 बजकर 31 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद सिंह राशि में चले जाएंगे। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। सभी राशियों के लिए इनका गोचर कैसा रहेगा ? इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Budh Gochar: बुध का कर्क राशि में गोचर, इन राशि वालों का बदलेगा भाग्य, नौकरी और व्यापार में होगी तरक्की
राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव अच्छा ही रहेगा यद्यपि गुप्त शत्रुओं के कारण कहीं न कहीं मानसिक अशांति का सामना भी करना पड़ेगा और वे आपको नीचा दिखाने का एक भी अवसर नहीं छोड़ेंगे। ऐसे तत्वों से सावधान रहें। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। मकान अथवा वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। मित्रों तथा संबंधियों से भी सुखद समाचार प्राप्ति के योग।
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आपके स्वभाव में सौम्यता लाएगा। धर्म और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि होगी। परिवार में छोटे भाइयों से सहयोग मिलेगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। धार्मिक ट्रस्टों तथा अनाथालय आदि ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य भी करेंगे। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। ग्रह स्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी।
मिथुन राशि
राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आर्थिक पक्ष मजबूत करेगा। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद है। परिवार का आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। अपनी वाणी की कुशलता के बल पर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से विजय प्राप्त करेंगे। इन सबके बावजूद कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं। स्वास्थ्य विशेष करके चर्म रोग से संबंधित समस्या से सावधान रहना पड़ेगा।
आपकी राशि में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव अच्छा ही कहा जाएगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेंगी। विद्यार्थियों और प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को भी सुखद लाभ की अनुभूति होगी। संतान के दायित्व की भी पूर्ति होगी। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति और प्रादुर्भाव के भी योग हैं।