साल 2018 का दूसरा और अंतिम गुरु -पुष्य शुभ संयोग 9 अक्टूबर को बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सभी 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ और शुभ नक्षत्र माना गया है। भगवान राम का जन्म भी पुष्य नक्षत्र में हुआ था। पुष्य नक्षत्र जब गुरुवार के दिन होता है उसे गुरु-पुष्य योग कहते हैं। सभी तरह के कार्यों में यह शुभ योग श्रेष्ठ और उत्तम मुहूर्त होता है और इस शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य जरूर सफल होता है।
आज का दिन है खास, बनेगा साल का सबसे अच्छा मुहूर्त, 8 राशियों को मिलेगा फायदा
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पुष्य गुरु संयोग को इतना शुभ माना गया है कि यह अशुभ घड़ी में किया गया कार्य भी शुभ फल प्रदान करता है। भले ही अभी पितृपक्ष चल रहा है। गुरु पुष्य का ऐसा संयोग बड़ा ही सुखद संयोग होता है, जो खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। इसलिए इस नक्षत्र में शुभ कार्य करने पर फलदायी होता है।
साल में ऐसा शुभ संयोग 2 से 3 बार ही बनता है
ज्योतिष के अनुसार गुरु-पुष्य बहुत कम बनता है जो 2 से 3 साल में एक बार ही आता है। जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार के दिन पड़े तब इस तरह का योग बनता है जिसे बहुत शुभ माना जाता है। इस बार भी गुरुवार के दिन यह नक्षत्र बनेगा। इस नक्षत्र में किए गए सारे कार्य पूरे हो जाते हैं।
देवगुरु बृहस्पति की आराधना से मिलेगा लाभ
इस नक्षत्र में देवगुरु बृहस्पति की आराधना करने से सारे बिगड़े हुए काम पूरे जाते है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन अगर धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा की जाए तो धन की कमी कभी भी नहीं रहती है। गुरु-पुष्य का योग बुधवार की रात को लगभग 4 बजे से आरंभ होगा। जो 4 अक्टूबर की रात को 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
8 राशियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा
मेष राशि- इस राशि के जातकों के लिए यह योग नौकरी में सफलता दिलाएगा साथ ही आर्थिक क्षेत्र में अतिरिक्त परिश्रम करने से धन लाभ होगा।
वृष राशि- गुरु पुष्य योग इस राशि वालों के लिए वैवाहिक जीवन में चली आ रही समस्या का अंत हो जाएगा साथ ही जो व्यक्ति आपके लिए शत्रु का काम कर रह है उससे निजात मिलेगी।
मिथुन राशि- यह योग इस राशि वालों के लिए बेहद फायदा वाला रहेगा क्योंकि इस राशि के जातको के जो काफी दिनों से काम अटके हुए है वह पूरे होंगे और अतिरिक्ति आय के साधन प्राप्त होंगे ।