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Astrology: मेष से लेकर मीन लग्न तक के जातकों के लिए शुभ-अशुभ ग्रहों की पूरी जानकारी
Wed, 14 Jun 2023 12:57 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 14 Jun 2023 12:57 PM IST
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मेष लग्न के लिए बुध शुक्र शनि पाप ग्रह होते हैं। वृष लग्न के जातकों के लिए चंद्र मंगल बृहस्पति पाप ग्रह होते हैं।
वैदिक ज्योतिष में मेष लग्न से लेकर के मीन लग्न तक कुल मिलाकर 12 प्रकार की कुंडलियां बनती है लेकिन क्या आपको पता है कि इन 12 प्रकार की कुंडलियों में शुभ और अशुभ ग्रह अलग-अलग होते हैं तो आइए आज इस लेख में हम आपको बताते हैं कि मेष लग्न से लेकर मीन लग्न तक की कुंडली में शुभ ग्रह और अशुभ कौन-कौन से होते हैं।
rashi
- फोटो : अमर उजाला
मेष लग्न
मेष लग्न की कुंडली के लिए लग्नेश और अष्टमेश मंगल शुभ होता है। पंचम भाव के स्वामी सूर्य भी शुभ होते हैं और देव गुरु बृहस्पति नवें और द्वादश भाव के स्वामी होकर भी योगकारक कहे जाते हैं।
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मेष लग्न की कुंडली के लिए लग्नेश और अष्टमेश मंगल शुभ होता है। पंचम भाव के स्वामी सूर्य भी शुभ होते हैं और देव गुरु बृहस्पति नवें और द्वादश भाव के स्वामी होकर भी योगकारक कहे जाते हैं।
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वृष लग्न
वृष लग्न की कुंडली में लग्नेश और छठे भाव के स्वामी शुक्र शुभ ग्रह होते हैं। पंचम और दूसरे भाव के स्वामी बुध भी शुभ ग्रह कहे जाते हैं और वृषभ लग्न की कुंडली में शनि देव नौवें और दसवें भाव के स्वामी होकर के परम राजयोग कारक कहे जाते हैं।
वृष लग्न की कुंडली में लग्नेश और छठे भाव के स्वामी शुक्र शुभ ग्रह होते हैं। पंचम और दूसरे भाव के स्वामी बुध भी शुभ ग्रह कहे जाते हैं और वृषभ लग्न की कुंडली में शनि देव नौवें और दसवें भाव के स्वामी होकर के परम राजयोग कारक कहे जाते हैं।
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मिथुन लग्न
मिथुन लग्न की कुंडली में लग्नेश और चौथे भाव के स्वामी बुध शुभ ग्रह होते हैं। पंचम और द्वादश भाव के स्वामी शुक्र भी शुभ ग्रह माने जाते हैं।
मिथुन लग्न की कुंडली में लग्नेश और चौथे भाव के स्वामी बुध शुभ ग्रह होते हैं। पंचम और द्वादश भाव के स्वामी शुक्र भी शुभ ग्रह माने जाते हैं।
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कर्क लग्न
कर्क लग्न की कुंडली में लग्नेश चंद्रमा शुभ कारक होता है। पंचम और दशम भाव के स्वामी मंगल परम राजयोग कारक होते हैं और नवे भाव के स्वामी बृहस्पति भी कर्क लग्न के जातकों के लिए शुभ रहते हैं।
कर्क लग्न की कुंडली में लग्नेश चंद्रमा शुभ कारक होता है। पंचम और दशम भाव के स्वामी मंगल परम राजयोग कारक होते हैं और नवे भाव के स्वामी बृहस्पति भी कर्क लग्न के जातकों के लिए शुभ रहते हैं।