Shani Vakri 2023: 17 जून से 4 नवंबर तक शनि की चाल रहेगी टेढ़ी, जानिए राशियों पर प्रभाव और उपाय
इस समय इन राशियों पर है शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या
शनि का राशि परिवर्तन करीब ढाई वर्षों में होता है। शनिदेव राशि चक्र का एक चक्कर पूरा करने में करीब 30 वर्षों का समय लेते हैं। शनिदेव अभी अपनी स्वयं की राशि कुंभ में हैं। ऐसे में मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती है जबकि कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है। ऐसे में मकर राशि वालों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण, कुंभ राशि पर दूसरा और मीन राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। शनि के कुंभ राशि में रहते हुए वक्री चाल चलना इन पांच राशि के जातकों के जीवन में परेशानियां ला सकते हैं ऐसे में इन राशि वालों को थोड़ा सतर्क होकर चलना होगा।
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- शनिदेव की कृपा पाने के लिए हर शनिवार के दिन तेल का दान करना शुभ होगा।
- शनिदेव को सरसों के तेल से अभिषेक करें और नीला फूल चढ़ाएं।
- शनिदेव की शुभ छाया के लिए काले तिल का दान करें और शनि देव को अर्पित करें।
- ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जप करें।
- शनि चालीसा के पाठ के साथ हनुमान चालीसा का भी पाठ करना लाभकारी माना जाता है।
- गरीबों और असहायों को जूते-चप्पल, तेल, काले तिल, काला कंबल, नीले कपड़े का दान करें।