महाभारत के युद्ध के लिए न सिर्फ द्रौपदी बल्कि अन्य कुछ महिलाएं भी जिम्मेदार हैं। आइए जानते हैं कि कौन है ये महिलाएं और क्या रहा इनका योगदान।
केवल द्रौपदी नहीं, ये महिलाएं भी रहीं महाभारत युद्ध के लिए जिम्मेदार
सत्यवती : भीष्म की सौतेली माता सत्यवती का अपने बेटों को राजा बनवाने का प्रण भी महाभारत युद्ध के लिए जिम्मेदार रहा। सत्यवती के चलते ही भीष्म ने आजीवन हस्तिनापुर के राजा की रक्षा का प्रण लिया।
केवल द्रौपदी नहीं, ये महिलाएं भी रहीं महाभारत युद्ध के लिए जिम्मेदार
अंबा : राजकुमारी अंबा भीष्म द्वारा अपह्रत की गई। उन्होंने भीष्म को अपना पति माना लेकिन भीष्म ने उनसे विवाह के लिए इनकार कर दिया। अंबा ने प्रण किया कि इस अपमान का बदला वो भीष्म से लेकर रहेंगी। अगले जन्म में अंबा ही शिखंडी बनकर जन्मी और महाभारत युद्ध में भीष्म की मौत का कारण बनीं।
केवल द्रौपदी नहीं, ये महिलाएं भी रहीं महाभारत युद्ध के लिए जिम्मेदार
कुंती : पांडवों की माता कुंती ने नियोग द्वारा तीन पुत्र पैदा किए, युधिष्ठिर, अर्जुन और भीम। इसके अलावा विवाह से पहले वरदान को परखने के लिए उन्होंने सूर्यदेव से पुत्र मांगा जो कर्ण के नाम से शूद्र के घर पला। अर्जुन जब द्रौपदी को लेकर घर पहुंचे तो कुंती ने ही उसे कोई वस्तु समझकर पांच पांडवों से उसे बांट लेने की बात कही। जिसके कारण कर्ण ने द्रौपदी को वेश्या कहा था।
केवल द्रौपदी नहीं, ये महिलाएं भी रहीं महाभारत युद्ध के लिए जिम्मेदार
द्रौपदी :पांडवों के क्रोध को जिंदा रखा और महाभारत युद्ध के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। दरअसल द्रौपदी का जन्म भी इसी उद्देश्य से हुआ था। क्योंकि ऐसा नहीं होता तो द्रौपदी के पिता का बदला यानी द्रोणाचार्य का वध नहीं होता।