कर्क राशिचक्र की चौथी राशि है। इस राशि का स्वामी चंद्र ग्रह होता है। इसलिए कर्क लग्न वाले जातकों के ऊपर चंद्र ग्रह का प्रभाव देखने को मिलता है। चंद्र ग्रह मन का कारक है। अतः इस राशि के जातकों का मन चंचल होता है और इनके कार्यों और विचारों में चंचलता पाई जाती है। इनमें कई खूबियां होती हैं। साथ ही साथ इनमें दोष भी पाए जाते हैं। तो चलिए जानते हैं कर्क राशि वालों का स्वभाव कैसा होता है और इनमें क्या गुण एवं दोष होते हैं।
कर्क राशि वाले होते हैं चंचल, इनकी मानसिक शक्ति होती है प्रबल
कर्क राशि के जातकों की शारीरिक संरचना
कर्क राशि वालों के चेहरे की बनावट गोल होती है। देखने में ये आकर्षक होते हैं। आपके शरीर में बाल कम होते हैं। हालांकि कम उम्र में ही ये उम्रदराज दिखने लगते हैं। आपकी ऊँचाई औसत से कम होती है। आपके शरीर का ऊपरी हिस्सा चौड़ा होता है। आपका रंग गोरा होता है।
कर्क राशि वालों का स्वभाव
ये अपने ऊपर आने वाले संघर्ष को टालने में सक्षम होते हैं। इन्हें स्वतंत्रता पसंद है। हालांकि इनके जीवन में कई बार अनियमितताएं पाई जाती हैं। अपने जिद्दी स्वभाव के कारण इन्हें कई बार कष्ट झेलना पड़ता है। व्यर्थ के कार्यों और बातों में आपको रुचि नहीं रहती है। इस राशि में गुरु श्रेष्ठ का होता है। संस्था या सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी इनके कंधों पर रहती है।
कर्क राशि वालों का प्रेम जीवन
कर्क राशि वाले प्रिय, विश्वसनीय और परवाह करने वाले होते हैं। जितना प्रेम ये अपने साथी से करते हैं बदले में उतना ही प्रेम उनसे चाहते हैं। कई बार आप अपने पार्टनर को लेकर कुछ ज्यादा ही पजेसिव हो जाते हैं। आपके लिए प्रेम का बंधन बहुत ही मायने रखता है। आप अपने प्रियतम के लिए बाहर से कठोर और अंदर से बेहद ही सौम्य होते हैं।
कर्क राशि वालों का कार्यक्षेत्र
कर्क राशि वाले मन के पक्के होते हैं और ये अपने कार्य को बड़ी ही गंभीरता से लेते हैं। इसके अलावा ये बुद्धिमान होते हैं। ये जातक अगर किसी क्षेत्र में मन लगाकर कार्य करते हैं तो उसमें अपना बड़ा नाम कमाते हैं। हालांकि चंद्रमा के अनुसार जल या द्रव्य पदार्थ से जुड़े कारोबार या प्रोफेशन में बहुत ज्यादा सफल होते हैं। इसकी स्मरण शक्ति गजब की होती है। इसके साथ ही ये कल्पना शक्ति के धनी होते हैं।