नया साल 2021 अब शुरू होने वाला है। नया साल नया जोश, नई उमंग और सुख समृद्धि लेकर आए, घर-परिवार में खुशियां और सकारात्मकता बनी रहे इसके लिए ज्योतिष के कुछ उपाय बहुत ही कारगर साबित हो सकते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति के सभी प्रकार के सुख और परेशानियों का सीधा संबंध कुंडली में मौजूद नौ ग्रहों से होता है। कुंडली में मौजूद कुछ ग्रह शुभ फल देते हैं तो कुछ अशुभ। जिन जातकों की कुंडली में ग्रहों से संबंधित कोई दोष है तो इनको दूर करने के लिए और शुभ फल प्राप्त करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं। साल 2021 आपके लिए सभी तरह की खुशियां लेकर आए इसके लिए आइए जानते हैं सभी 9 ग्रहों से जुड़े कुछ उपाय...
साल 2021 में इन मंत्रों के जप से दूर करें ग्रहों के दोष और पाएं सुख-समृद्धि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूर्य
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी 9 ग्रहों में सूर्य का विशेष महत्व होता है। व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और मान-सम्मान सूर्य देव की कृपा से मिलती है।कुंडली में ग्रहों का राजा यदि सूर्य प्रबल हैं, तो जातक राजा, मंत्री, सेनापति, प्रशासक, मुखिया, धर्म संदेशक आदि बनाता है। लेकिन यदि सूर्य कुंडली में कमजोर हैं तो वह शारीरिक तथा सफलता की दृष्टि से बड़ा ही खराब परिणाम देते हैं। सूर्य संबंधी दोषों को दूर करने और सूर्य का शुभ प्रभाव पाने के लिए प्रतिदिन उगते सूर्य का दर्शन एवं उन्हें 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' कहते हुए जल अर्पित करना चाहिए। प्रतिदिन सूर्य को जल देने के पश्चात लाल आसन में बैठकर पूर्व दिशा में मुख करके निम्न मंत्र का 108 बार जप करें-
''एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।''
चंद्रमा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में चंद्रमा को माता और मन का कारक माना जाता है। कुंडली में चन्द्र ग्रह की अशुभता के कारण घर में कलह, मानसिक विकार, माता-पिता की बीमारी, दुर्बलता, धन की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। चंद्र देव की शुभता पाने और उनसे जुड़े दोष दूर करने के लिए जितना ज्यादा हो सके साफ-सफाई पर ध्यान दें। चंद्र दोष को दूर करने और उनकी कृपा पाने के लिए चंद्र देवता के निम्न मंत्रों का जाप काफी शुभ और असरकारक साबित होता है।
ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।
मंगल
अदम्य साहसी और पराक्रमी पृथ्वी पुत्र मंगल को ग्रहों का सेनापति माना गया है। वैदिक ज्योतिष के मुताबिक किसी भी व्यक्ति में ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए मंगल दोष के प्रभाव को दूर करना अत्यंत आवश्यक होता है। शनि की तरह मंगल ग्रह की अशुभता से आमतौर पर लोग डरते हैं। मंगल देवता की कृपा पाने और उससे जुड़े दोष को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करें...
ॐ अं अंगारकाय नम:।
धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कांति समप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च भौममावाह्यम्।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध बुद्धि, व्यापार, त्वचा एवं धन का ग्रह है। बुध ग्रह का रंग हरा है। वह नौ ग्रहों में शारीरिक रूप से सबसे कमजोर और बौद्धिक रूप में सबसे आगे है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए बुधदेव की कृपा और शुभता अत्यंत जरूरी है। यदि आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है या फिर नीच का हो तो आप बुध ग्रह की शुभता पाने के लिए बुध के बीज मंत्र का जाप करें।
'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय् नम:।।