ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष के अनुसार जहां कुंडली में ग्रहों की स्थिति अच्छी होने पर आपको हर कार्य में सफलता मिलती है तो वहीं अगर ग्रहों की स्थिति सही न हो तो आपको कई तरह की सेहत और व्यापार संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए कुंडली में ग्रहों का मजबूत होना बहुत आवश्यक माना गया है। ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान यश और कीर्ति का कारक माना गया है। जब कुंडली में सूर्य की स्थिति खराब होती है तो आपके मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है। पिता और गुरु से आपके संबंध खराब हो सकते हैं। कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए ज्योतिष में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं।
कुंडली में कमजोर सूर्य से आती है इस तरह की परेशानियां, मजबूत करने के लिए करें ये उपाय
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कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए तांबे को लोटे में जल, लाल चंदन, गुलाब का फूल, और रोली डालकर सूर्य को नियमित रुप से सुबह को जल अर्पित करें। इससे आपका सूर्य मजबूत होगा।
रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित किया गया है। अपने दोनों हाथों में गेहूं भरकर रविवार के दिन गाय को खिलाएं। लेकिन ध्यान रखें कि गेहूं को अपने हाथों से खिलाएं जमीन पर न रखें। हाथ में 7 बार घुमाकर मौली बांधे।
रात में किसी तांबे के पात्र में जलभर उसे सिरहाने रखकर सो जाएं। सुबह उठकर उस जल को पीने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है। ये आपके स्वास्थय के लिए भी सही रहता है, इससे पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं। दाएं हाथ में तांबे का कड़ा भी धारण कर सकते हैं।
कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए गंगाजल और लाल चंदन को घिसकर नहाने के पानी में डालें। सूर्य मंत्रो का जाप करें। लेकिन ध्यान रखें की सूर्य भगवान की आराधना हमेंशा प्रातःकाल में की जाती है। इसलिए सुबह जल्दी उठकर पूजा करें।
- ऊँ हृां हृीं सः सूर्याय नमः।।
- ऊँ घृणिः सूर्य आदिव्योम।।
- शत्रु नाशाय ऊँ हृीं हृीं सूर्याय नमाः।।