अक्सर ये देखने को मिलता है कि कई लोग खूब मेहनत करते हैं। इसके बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिलती। इस दौरान बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं। जीवन में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ता है। किसी भी कार्य में किस्मत बिल्कुल भी साथ नहीं देती। कारोबार के क्षेत्र में अत्याधिक परिश्रम के बाद भी उस तरह के परिणाम नहीं निकलते, जिसका अनुमान लगाया जाता है। हर क्षेत्र में घाटा सहन करना पड़ता है। इसके चलते जीवन के बाकी क्षेत्र भी नकारात्मक ढंग से प्रभावित होते हैं। परिवार के बीच सामंजस्य की स्थिति नहीं बन पाती। घर में मतभेद जन्म लेते हैं। व्यक्ति का स्वभाव उग्र हो जाता है। ऐसा किस्मत के साथ ना देने के चलते होता है। ऐसे में अगर आपकी भी किस्मत सोई हुई है और मेहनत करने के बाद भी उचित फल की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, तो हम आपको कुछ उपाय बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठेगा।
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कुंडली के जिस भाव में कोई ग्रह नहीं होता है, उस पर किसी दूसरे ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ती। इस कारण उसे सोया भाव कहा जाता है। इसके अलावा अगर कुंडली का नौवा भाव अगर सोया हुआ है तो ऐसे में व्यक्ति की किस्मत उसका साथ नहीं देती। उसके बने हुए काम बिगड़ जाते हैं। व्यक्ति के जीवन में कई अशुभ प्रभाव पड़ते हैं।
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आपको बता दें कि यदि कोई ग्रह जब सूर्य के समीप होता है, तो उसे अस्त माना जाता है। यदि पहले के 1 से 6 तक के भावों में कोई ग्रह उपस्थित नहीं है, तो बाद के 7 से 12 तक भावों में ग्रह सोए हुए माने जाते हैं। तीसरी स्थिति में यदि कोई ग्रह स्वयं की राशि में, उच्च राशि में या पक्के घर में नहीं उपस्थित है और पांचवी स्थिति भाव 10 में कोई ग्रह नहीं है तो भाव 2 के ग्रह सोए होते हैं। ऐसे में भाव 9 और 10 के ग्रह भी सो जाते हैं। इस कारण व्यक्ति के जीवन में कई तरह की अड़चन आती हैं।
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अपने सोए हुए भाग्य को जगाने के लिए आपको इन उपायों को जरूर करना चाहिए, ताकि जीवन में तरक्की की जा सके। अपने जीवन में पाप करना छोड़ दें। शराब, मांस और अपनी बुरी आदतों को जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी त्याग दें। इस दौरान आपको किसी भी प्रकार का झूठ नहीं बोलना चाहिए और घर में माता-पिता और दादा-दादी के साथ संबंध अच्छे रखने चाहिए।
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महिलाओं का सम्मान करें। इसके अलावा अपने इष्टदेव की रोजाना पूजा करें। सोए हुए भाग्य को जगाने के लिए आपको गुरुवार का व्रत रखना चाहिए और मंदिर में जाकर वहां प्रसाद चढ़ाना चाहिए। पीपल के वृक्ष पर रोज जल का अर्पण करें। पीली वस्तुओं का मंदिर में जाकर दान करें और पीले फूल के पौधों को गृह वाटिका में लगाएं। रोजाना अपने माथे पर केसर या फिर चंदन का सुगंधित तिलक लगाएं। यह प्रक्रिया करीबन 60 दिन तक करें। घर के ईशान कोण की साफ-सफाई रखें। अपने घर में रोजाना कपूर जलाएं। ऐसा करने से आपकी सोई हुई किस्मत जाग जाएगी और जीवन में आने वाली तमाम अड़चनें खुद बा खुद हट जाएगी।