Guru Margi 2021: देवगुरु बृहस्पति पिछले महीने जून में कुंभ राशि में वक्री हुए। इसके बाद वे 18 अक्टूबर 2021 को पुन: मार्गी होंगे। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए गुरु मकर राशि में गोचर करने लगेंगे जहां पहले से ही शनि विराजमान हैं। गुरु अपनी वक्री अवस्था में 14 सितंबर को मकर राशि में प्रवेश करेंगे और मार्गी भी इसी राशि में होंगे। फिर इसके कुछ समय बाद 21 नवंबर को गुरु फिर से कुंभ राशि में आ जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। यह ज्ञान, गुरु, धर्म, विवाह, संतान, वृद्धि आदि का कारक है। ये धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। देवगुरु बृहस्पति जहां कर्क राशि में उच्च के होते हैं तो वहीं मकर राशि में ये नीच के माने जाते हैं। देवगुरु बृहस्पति की चाल से पांच राशियों के जातकों को शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। ये राशियां इस प्रकार हैं -
Guru Margi 2021: 14 सितंबर को इस राशि में मार्गी होंगे वक्री गुरु, इन राशियों को मिलेगा लाभ
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इस अवधि में समाज में आपकी ख्याति बढ़ेगी। लोगों से आपको मान-सम्मान खूब मिलेगा। गुरु के प्रभाव से आपका आर्थिक पक्ष प्रबल होगा। धन मिलने की संभावना होगी। वहीं जो जातक नौकरी की तलाश में हैं तो उनकी तलाश पूरी होगी। यह अवधि आपके लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
इस अवधि मे आप धर्म-कर्म के कार्यों में सफलता मिलेगी। शादी योग्य जातकों का विवाह की बात आगे बढ़ेगी। वहीं कार्य-व्यापार में भी सफलता के प्रबल योग बनेंगे। इस अवधि में आपकी प्रॉपर्टी में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
गुरु देव की कृपा से आप हर कार्य में सफलता के झंडे गाड़ेंगे। यात्रा करना आपके लिए शुभकारी होगा। इस अवधि में आप कोई नया वाहन अथवा नई चल-अचल संपत्ति खरीद सकते हैं। धन संबंधी शुभ समाचार मिलेगा।
आपके आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी। आप बेबाकी से अपनी राय दूसरों के सामने रखेंगे। नौकरी व्यापार में खूब तरक्की करेंगे। इस अवधि में आपके सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है। वहीं प्रेम जीवन कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लव पार्टनर से रिश्तों में खटास आ सकती है।