आखिर क्यों तीन दिन और रात जेल में बिताना चाहती है दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल तिहाड़ जेल में तीन दिन-तीन रात रहकर वहां की समस्याएं और दिक्कतें समझना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने तिहाड़ जेल महानिदेशक सुधीर यादव को पत्र लिखकर जेल में रुकने की अनुमति मांगी है।
उन्होंने यह भी लिखा है कि अगर सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है तो महिला आयोग अंडरटेकिंग (शपथपत्र) देने को तैयार है। आयोग की अध्यक्ष ने पत्र के साथ एक महिला कैदी की शिकायत का हवाला देकर उस पर जवाब भी मांगा है।
महिला आयोग अध्यक्ष ने लिखा है कि वह तीन दिन-रात के दौरान महिला कैदियों से बातचीत भी करना चाहती हैं ताकि उनकी समस्याएं समझ सकें। उन्होंने लिखा है कि दिल्ली महिला आयोग अधिनियम, 1994 में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की छानबीन करके जांच करने का अधिकार है।
उसी के हिसाब से जेल, रिमांड होम, महिला संस्थान या जहां भी महिला कैदियों को रखा जाता है, जांच कर सकते हैं। यदि जरूरत सामने आए तो सुधार के कदम संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया जा सके।
कैदियों और उनके बच्चों की समस्या है गंभीर
स्वाति मालीवाल ने लिखा है कि जेल में संख्या से अधिक कैदी हैं। कई महिला कैदियों के साथ उनके बच्चे भी रह रहे हैं। ऐसे में महिला कैदी और उनके बच्चे किस तरह की दिक्कतें झेल रहे हैं, यह समझने के लिए उनसे रूबरू होना चाहती हैं। इसलिए तीन दिन तीन रात जेल में रुककर दिक्कतें गहराई से समझने की अनुमति दें।
उन्होंने कहा है कि आयोग अध्यक्ष व सदस्य बैरक में रुकेंगे और किसी तरह के विशेष इंतजाम की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा है कि इस तरह दिक्कतें समझने से दिल्ली की जेल सुधार नीति के लिए ये तरीका बहुत कारगर होगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल कई बार दिल्ली के रैन बसेरों में रात गुजार चुकी हैं। वह जीबी रोड में सेक्स वर्कर्स के बीच भी कई बार पहुंच चुकी हैं। उन्होंने जीबी रोड पर काम करने वाली महिलाओं की समस्याएं भी कई बार उठाई हैं।