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बीएचयू की पूर्व चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट
Sat, 20 Mar 2021 12:06 AM IST
हरि User
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: हरि User
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:06 AM IST
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royana singh
- फोटो : अमर उजाला
लूट, छेड़खानी सहित अन्य आरोपों से संबंधित एक परिवाद के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम दिवाकर कुमार की अदालत ने बीएचयू की पूर्व चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 30 अप्रैल तय की है।
नरिया निवासी आशीष सिंह ने बीएचयू की तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ लूट और छेड़खानी सहित अन्य आरोपों को लेकर अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी के माध्यम से अदालत में परिवाद दाखिल किया था। इस मामले में परिवादी का बयान दर्ज होने पर अदालत ने प्रो. रोयाना सिंह को तलब करते हुए दो मार्च 2019 को समन जारी किया था।
बाद में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश पारित होने के बाद कार्रवाई पर रोक लग गई थी। स्थगन की समय अवधि में बढ़ोतरी न होने और प्रो. रोयाना सिंह के मौजूद न होने पर परिवादी के अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने वारंट जारी करने की अदालत से अपील की। अधिवक्ता ने दलील के समर्थन में स्थगन आदेश को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की नजीर को भी अदालत में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद अदालत ने प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तिथि मुकर्रर की थी। लेकिन प्रो. रोयाना सिंह के न्यायालय में उपस्थित न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 30 अप्रैल को तलब किया है।
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नरिया निवासी आशीष सिंह ने बीएचयू की तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ लूट और छेड़खानी सहित अन्य आरोपों को लेकर अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी के माध्यम से अदालत में परिवाद दाखिल किया था। इस मामले में परिवादी का बयान दर्ज होने पर अदालत ने प्रो. रोयाना सिंह को तलब करते हुए दो मार्च 2019 को समन जारी किया था।
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बाद में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश पारित होने के बाद कार्रवाई पर रोक लग गई थी। स्थगन की समय अवधि में बढ़ोतरी न होने और प्रो. रोयाना सिंह के मौजूद न होने पर परिवादी के अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने वारंट जारी करने की अदालत से अपील की। अधिवक्ता ने दलील के समर्थन में स्थगन आदेश को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की नजीर को भी अदालत में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद अदालत ने प्रो. रोयाना सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तिथि मुकर्रर की थी। लेकिन प्रो. रोयाना सिंह के न्यायालय में उपस्थित न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 30 अप्रैल को तलब किया है।