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यहां होली नहीं मनाई और नम आखों से दी शहीद को अंतिम विदाई
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 14 Mar 2017 09:54 AM IST
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जगदीश विश्नोई
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देश में सोमवार को जब होली की खुशियां मनाई जा रही थी उस समय बीकानेर जिले का नोखा कस्बा गम में डूबा था। यहां किसी ने होली नहीं मनाई।
इस कस्बे के सपूत जगदीश विश्नोई छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सीआरपीएफ जवानों पर हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। सोमवार को उनका नोखा में अंतिम संस्कार किया गया। सुबह से ही नोखा में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से नोखा पहुंचना शुरू हो गए थे। केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी समेत कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
गौरतलब है कि सुकमा जिले के भेज्जी से सीआरपीएफ 219 बटालियन की 60 जवानों की टुकड़ी रोड़ ओपनिंग के लिए कोत्ताचेरू की ओर निकली थी। इनमें से तीस जवानों का दल जैसे ही जंगल में घुसा नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलयां चलाना शुरू कर दिया। घात लगाकर इस तरह किए हमले में 12 जवान शहीद हो गए, इनमें से एक बीकानेर के नोखा के जगदीश विश्नोई भी थे।
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इस कस्बे के सपूत जगदीश विश्नोई छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सीआरपीएफ जवानों पर हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। सोमवार को उनका नोखा में अंतिम संस्कार किया गया। सुबह से ही नोखा में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से नोखा पहुंचना शुरू हो गए थे। केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी समेत कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
गौरतलब है कि सुकमा जिले के भेज्जी से सीआरपीएफ 219 बटालियन की 60 जवानों की टुकड़ी रोड़ ओपनिंग के लिए कोत्ताचेरू की ओर निकली थी। इनमें से तीस जवानों का दल जैसे ही जंगल में घुसा नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलयां चलाना शुरू कर दिया। घात लगाकर इस तरह किए हमले में 12 जवान शहीद हो गए, इनमें से एक बीकानेर के नोखा के जगदीश विश्नोई भी थे।
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