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डीटीसी बसों में घूम रहा है किराए के जीपीएस का मीटर, नतीजा शून्य
Mon, 26 Aug 2019 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अरुण कुमार, नई दिल्ली
अरुण कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 26 Aug 2019 06:41 AM IST
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डीटीसी बसों में कई वर्षों की कवायद के बाद महज चार महीने के लिए किराए पर जीपीएस लगाए गए हैं, लेकिन 15 दिन बाद भी ट्रैकिंग सिस्टम शुरू नहीं हुआ है।
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लिहाजा, बसों में लगे जीपीएस के किराये का मीटर घूमना शुरू हो गया है, परंतु तकनीकी खराबियों के कारण एक भी दिन सिस्टम का लाभ नहीं मिल सका है। अभी यह भी सुनिश्चित नहीं है कि जीपीएस सिस्टम कब सक्रिय और प्रभावी ढंग से कार्य करेगा।
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10 अगस्त 2019 को डीटीसी की 3744 बसों में किराये पर चार महीने के लिए जीपीएस लगाए गए। प्रति बस में लगे जीपीएस के लिए डीटीसी 10.70 रुपये प्रतिदिन किराया चुकाएगी। यानी, एक बस पर प्रतिमाह 321 और चार माह में 1284 रुपये खर्च होंगे। इस हिसाब से 3744 बसों पर चार महीने में डीटीसी निजी कंपनी को 48 लाख 7 हजार 296 रुपये का भुगतान करेगी।
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सूत्रों के मुताबिक, बसों में जीपीएस सिस्टम लगे 15 दिन बीत चुके हैं। कोई ना कोई तकनीकी खामी की वजह से जीपीएस द्वारा बसों की ट्रैकिंग शुरू नहीं हो सकी है। बसों की मॉनिटरिंग के लिए सभी डीटीसी बस डिपो में कंट्रोल यूनिट बनाए गए हैं। प्रत्येक डिपो में बसों की मॉनिटरिंग के लिए तीन शिफ्ट बनाई गई हैं और इन शिफ्ट पर तीन कर्मियों को नियुक्त किया गया है।
ज्ञात हुआ है कि बसों में जीपीएस सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग नहीं कर पा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो डीटीसी को बीते 15 दिनों में जीपीएस सुविधा का लाभ नहीं मिला है। बावजूद, 3744 बसों में लगे जीपीएस सिस्टम के लिए 6 लाख 912 रुपये का भुगतान करना होगा।
हालांकि, डीटीसी अधिकारियों ने जीपीएस सिस्टम में आ रही तकनीकी खराबियों के लिए जीपीएस लगाने वाली कंपनी को फटकार भी लगाई है। गौरतलब है कि बसों में जीपीएस सिस्टम बसों की फ्रीक्वेंसी के लिए लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को बसों के मिलने में कोई परेशानी नहीं हो।
1923 बसों के लिए खरीदे जा सकते थे स्थायी जीपीएस
डीटीसी सूत्रों की मानें तो बसों में लगे प्रत्येक जीपीएस सिस्टम की कीमत बाजार में करीब ढाई हजार रुपये है। एक बस में लगे जीपीएस सिस्टम के लिए डीटीसी 1284 रुपये का भुगतान करेगी। यानी, 3744 बसों में चार महीने के लिए किराए के जीपीएस पर होने वाले 48 लाख रुपये के खर्च में 1923 बसों के लिए स्थायी जीपीएस खरीदे जा सकते थे।