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एक शहर जहां किराए के लंगूर करते हैं शादी में दुल्हन के जेवर की सुरक्षा

Wed, 15 Feb 2017 09:57 AM IST
ओमप्रकाश शर्मा/अमर उजाला, गाजियाबाद
ओमप्रकाश शर्मा/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Wed, 15 Feb 2017 09:57 AM IST
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A city where rents are baboon bride in wedding goods safety
- फोटो : अमर उजाला

एक शहर ऐसा है जहां शादी समारोहों में सामान की सुरक्षा किराए के लंगूरों के भरोसे होती है। अगर आपने पहले नहीं देखा तो यहां देखिए, किस तरह दुल्हन के सामान की सुरक्षा हो रही है। 

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मोदीनगर के लोग बंदरों से इस कदर परेशान हैं कि विवाह समारोह में बंदरों के हमले से बचने के लिए किराए पर लंगूर बुला रहे हैं। इससे शादी समारोह में लंगूरों का खर्च भी जुड़ रहा है।
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बता दें कि शादी वाले घरों में खाने-पीने का सामान मिलने से बंदर हमला कर देते हैं। यहां तक कि दुल्हन के जेवर कपड़े तक के आसपास बंदर न फटकें, इसलिए वहां भी लंगूरों को बैठाया जाता है।

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प्रतिदिन 2200 रुपये में लंगूर किराए पर बुलाए गए

A city where rents are baboon bride in wedding goods safety

पॉश कालोनी सतीश पार्क में सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक सोमदत्त त्यागी की पोती की शादी का संगीत कार्यक्रम 11 फरवरी को था लेकिन एक दिन पहले और फिर सुबह बंदरों के हमले ने भय का माहौल बना दिया।

बड़ी संख्या में आए बंदर जहां सामान उठाकर ले गए वहीं, रसोई का सारा सामान इधर-उधर फेंक दिया। खुशी के माहौल में बंदरों के आतंक से परिवार के सदस्यों और मेहमानों में डर बैठ गया।

ऐसे में, बंदरों को भागने के लिए सोमदत्त त्यागी को लंगूरों का सहारा लेना पड़ा। तीन दिन तक शादी समारोह के लिए प्रतिदिन 2200 रुपये में लंगूर किराए पर बुलाए गए।

लंगूरों से बंदर भगाने का धंधा अब नहीं मंदा 

A city where rents are baboon bride in wedding goods safety

लंगूरों के जरिए बंदर भगाने का धंधा ज्यादा मुनाफे वाला नहीं था लेकिन इस वक्त ये धंधा अब मंदा नहीं है। मुलतानीपुरा पड़ाव निवासी कर्ण ने बताया कि शादी समारोह के दौरान लंगूरों की तैनाती जरूरत बन गई है।

इनकी मांग भी बढ़ गई है। दो से तीन सौ लोगों के समारोह के दौरान बंदरों के भगाने के लिए एक लंगूर काफी होता है लेकिन लोगों की संख्या बढ़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।  

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