हरियाणा: मासिक पेंशन और प्रति माह यात्रा भत्ता ले रहे अयोग्य घोषित 11 पूर्व विधायक
हरियाणा में दलबदल के कारण अयोग्य घोषित हो चुके 11 पूर्व विधायक पेंशन और प्रति माह यात्रा भत्ता ले रहे हैं। प्रति विधायक करीब 68 हजार रुपये प्रति माह पेंशन व यात्रा भत्ता दिया जा रहा है। अब सवाल उठता है कि क्या अयोग्य हो चुके पूर्व विधायक इसके हकदार हैं इसका जवाब है! हां वो हकदार हैं, उन्हें उतनी अवधि की पेंशन मिलती रहेगी, जितने दिन वे विधायक (अयोग्य घोषित होने से पूर्व) रहे हैं।
विस्तार
हरियाणा में दलबदल के कारण अयोग्य घोषित हो चुके 11 पूर्व विधायक पेंशन और प्रति माह यात्रा भत्ता ले रहे हैं। प्रति विधायक करीब 68 हजार रुपये प्रति माह पेंशन व यात्रा भत्ता दिया जा रहा है। अब सवाल उठता है कि क्या अयोग्य हो चुके पूर्व विधायक इसके हकदार हैं इसका जवाब है! हां वो हकदार हैं, उन्हें उतनी अवधि की पेंशन मिलती रहेगी, जितने दिन वे विधायक (अयोग्य घोषित होने से पूर्व) रहे हैं। विधानसभा सचिवालय ने इसे लेकर उपजे संशय पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने हरियाणा विधानसभा सचिवालय से इस संबंध में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी।
6 पूर्व विधायकों को 15 वर्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य घोषित किया था, जबकि 5 पूर्व विधायकों को स्पीकर ने अयोग्य घोषित किया हुआ है। उनका मामला अभी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। कपूर ने बताया कि 6 पूर्व विधायक जगजीत सांगवान, कर्ण सिंह दलाल, राजेंद्र सिंह बीसला, देव राज दीवान, भीम सेन मेहता और जय प्रकाश गुप्ता 9 मार्च 2000 से 25 जून 2004 तक विधायक रहे। इन्हें तत्कालीन स्पीकर सतबीर कादियान ने 25 जून 2004 को अयोग्य घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने 11 दिसंबर 2006 के निर्णय के तहत इन विधायकों की अपील को खारिज कर स्पीकर के फैसले को बरकरार रखा।
वर्ष 2009 में हरियाणा जनहित पार्टी की टिकट पर चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए धर्म सिंह छोक्कर, राव नरेंद्र सिंह, जिले राम शर्मा, सतपाल सांगवान व विनोद भ्याणा को पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने अयोग्य घोषित कर दिया था।
51,800 मासिक पेंशन और 10 हजार रुपये यात्रा भत्ता प्रति माह ले रहे विधायक
कपूर का कहना है कि ये विधायक वर्षों से 51,800 मासिक पेंशन और 10 हजार रुपये यात्रा भत्ता प्रति माह ले रहे हैं। विधायक रहते उन्होंने और भी लाभ उठाए हैं। सरकार को इनसे सभी वित्तीय लाभों की वसूली करनी चाहिए।
दलबदल में अयोग्य घोषित होने के बावजूद पेंशन के पात्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार दलबदल कानून में अगर कोई विधायक अयोग्य भी घोषित हो जाता है तो वह उतनी अवधि की पेंशन व अन्य वित्तीय लाभों का पात्र है, जितने दिन वह विधायक रहा है। उनकी पेंशन तभी रोकी जा सकती है, अगर वह जनप्रतिनिधि कानून के तहत अयोग्य घोषित होते हैं। दलबदल कानून के तहत अयोग्य घोषित होने पर उस तिथि के बाद की पेंशन नहीं मिलेगी, जिस दिन फैसला सुनाया गया। अगर 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद फैसला आया है तो विधायक पेंशन का पात्र है।