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सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम घोटाले की निगरानी से किया इंकार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 15 Dec 2016 03:54 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम घोटाले की निगरानी करने से इंकार कर दिया है। गुरुवार को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि विशेष अदालत में इस मामले का ट्रायल शुरु हो गया ऐसे में सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी नहीं करेगा।
न्यायाधीश रंजन गोगोई और एन.वी. रमन की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, 'हमारा आगे इस मुद्दे की निगरानी करना और सीबीआई को लंबित जांच खत्म करने के लिए चार महीने का और वक्त देने का कोई इरादा नहीं है।'
महाधिवक्ता रंजीत कुमार ने अदालत को बताया कि व्यापम घोटाले से जुड़े 117 मामलों में सुनवाई से पहले होने वाली जांच पूरी हो चुकी है जबकि अभी 38 मामलों में जांच लंबित है। साथ ही एजेंसी ने 2,147 लोगों से इस मामले में पूछताछ की गई जिनमें 1,100 आरोपी और 988 गवाह थे।
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सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मुख्यआरोपी के पास से बरामद हुई हार्डडिस्क और पेनड्राइव से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। सीबीआई ने सबूत के तौर पर हैदराबाद की सेंट्रल फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट भी पेश की जिसमें यह पाया गया कि हार्डडिस्क और पेनड्राइव से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी।
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न्यायाधीश रंजन गोगोई और एन.वी. रमन की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, 'हमारा आगे इस मुद्दे की निगरानी करना और सीबीआई को लंबित जांच खत्म करने के लिए चार महीने का और वक्त देने का कोई इरादा नहीं है।'
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Vyapam case: Supreme Court bench said it won't monitor the investigation besides 37 cases
— ANI (@ANI_news) December 15, 2016
महाधिवक्ता रंजीत कुमार ने अदालत को बताया कि व्यापम घोटाले से जुड़े 117 मामलों में सुनवाई से पहले होने वाली जांच पूरी हो चुकी है जबकि अभी 38 मामलों में जांच लंबित है। साथ ही एजेंसी ने 2,147 लोगों से इस मामले में पूछताछ की गई जिनमें 1,100 आरोपी और 988 गवाह थे।
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सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मुख्यआरोपी के पास से बरामद हुई हार्डडिस्क और पेनड्राइव से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। सीबीआई ने सबूत के तौर पर हैदराबाद की सेंट्रल फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट भी पेश की जिसमें यह पाया गया कि हार्डडिस्क और पेनड्राइव से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी।
