फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Police refused to give died body in Anaj Mandi Fire

अग्निकांड: सिस्टम की संवेदनहीनता का शिकार हो रहे मृतक के परिजन, आधार कार्ड के बिना शव देने से इनकार

Tue, 10 Dec 2019 09:00 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 10 Dec 2019 09:00 PM IST
विज्ञापन
Police refused to give died body in Anaj Mandi Fire
मृतक के परिजन - फोटो : Amar Ujala

अनाज मंडी इलाके में चल रही फैक्टरी में आग लगने से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अब सिस्टम की संवेदनहीनता का शिकार होना पड़ रहा है। मृतकों का शव सौंपने के लिए दिल्ली पुलिस की एक शर्त ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है। मंगलवार सुबह पुलिस ने लोकनायक अस्पताल की मोर्चरी में बिहार के सहरसा जिला निवासी तीन मृतकों का शव परिजनों को इसलिए सौंपने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनके पास मृतकों का आधार कार्ड नहीं था। 

विज्ञापन

पोस्टमार्टम तभी होगा जब आधार कार्ड में मृतक का नाम होगा

परिजनों ने तीनों मृतकों की पहचान राशिद, संजर और ग्यास के रूप में बताई। रविवार को इनके दोस्तों ने शवों की शिनाख्त की थी। उस दौरान पुलिस ने कहा था कि पोस्टमार्टम तभी होगा जब किसी के आधार कार्ड में मृतक का नाम होगा, फिर चाहे वह बेटा हो या पत्नी। पुलिस की इस शर्त पर दोस्तों ने बिहार के सहरसा जिला निवासी मृतकों के परिजनों को फोन पर जानकारी दी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

बेटों के मातम में डूबे परिजन

अपने बेटों के मातम में डूबे परिजन आनन-फानन में अपने घर से दिल्ली के लिए निकल पड़े। 24 घंटे से भी ज्यादा का सफर तय करने के बाद जब मंगलवार सुबह लोकनायक अस्पताल पहुंचे तो पुलिस ने मृतक का आधार कार्ड मांग लिया। परिजनों का कहना है कि आधार कार्ड मरने वालों के पास ही था। अब वो इमारत में बाकी सामान के साथ जल गया या नहीं। इसके बारे में कैसे बता सकते हैं।   

विज्ञापन

साहब हमें आधार कार्ड का नंबर नहीं पता

परिजनों के अनुसार जब उन्होंने पुलिस को ये जानकारी दी तो पुलिस ने मृतक के आधार कार्ड पर मौजूद नंबर पूछ लिया। परिजनों ने फिर कहा, साहब हमें हमारे कार्ड का नंबर नहीं पता तो उनका नंबर कैसे पता होगा? गांव में आधार कार्ड हो भी तो उसकी तलाश करने वाला कोई नहीं है, सब लोग तो यहां आ गए।   

मृतक के भाई ने क्या कहा?

राशिद के भाई महबूब ने बताया कि सुबह से बार-बार बोलने के बाद भी पुलिस मानने को तैयार नहीं है। मंगलवार दोपहर 2 बजे तक पुलिस ने इनके पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी नहीं दी। वहीं संजर के दोस्त मोहम्मद जमाल ने बताया कि उनके फोन में पहले से ही दोस्त का आधार कार्ड था, इसलिए उन्हें जब याद आया तो मोबाइल के पुराने डाटा से निकाल कर दे दिया, लेकिन बाकी के आधार कार्ड नहीं हैं। पुलिस को लग रहा है कि हमारे पास बाकी दोनों के पहचान पत्र भी हैं, मगर जानबूझकर दे नहीं रहे हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed