फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   one soldier for every two students in NIT srinagar campus

छावनी में तब्दील हुआ श्रीनगर एनआईटी, हर दो छात्र के लिए एक जवान तैनात

Fri, 08 Apr 2016 11:12 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 08 Apr 2016 11:12 AM IST
विज्ञापन
one soldier for every two students in NIT srinagar campus
श्रीनगर एनआईटी में पैरामिलिट्री की 5 कंपनियां मौजूद - फोटो : PTI

श्रीनगर के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में स्थानीय और बाहर के छात्रों के बीच हुए विवाद के चलते इस समय कैंपस में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। वहां पर पैरामिलिट्री की 5 कंपनियां मौजूद हैं, जिनमें कुल मिलाकर जवानों की संख्या 600 है।

विज्ञापन


आपको बता दें कि एनआईटी में करीब 1500 स्टूडेंट हैं, जिनके लिए 600 जवान वहां मौजूद हैं। ऐसे में लगभग हर दो छात्र के लिए पैरामिलिस्ट्री का एक जवान एनआईटी कैंपस में मौजूद है।
विज्ञापन


ऐसे में श्रीनगर का एनआईटी कैंपस भारत का सबसे अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती वाला कैंपस बन गया है। कैंपस में स्थानीय पुलिस मौजूद नहीं है, क्योंकि उन पर बाहरी छात्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है मामला

one soldier for every two students in NIT srinagar campus
एनआईटी श्रीनगर में गहराया विवाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

31 मार्च की रात भारत-वेस्ट इंडीज मैच में भारत की हार के बाद कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने एनआईटी श्रीनगर के सामने पटाखे फोड़े, जब‌कि इंस्टीट्यूट में मौजूद गैर-कश्मीरी छात्रों के हॉस्टल पर कश्मीरी छात्रों द्वारा जश्न मनाने के दौरान पत्थर फेंके गए। 

गैर कश्मीरी छात्रों ने इसका विरोध किया तो कुछ छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया था। इसके बाद कैंपस में पुल‌िस तैनात कर दी गई। मामला बढ़ता देख एनआईटी प्रशासन ने संस्थान को अगले आदेश तक बंद रखने का नोटिस जारी कर दिया था। साथ ही छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा गया था।

मामला तीन द‌िन तक शांत रहा आचानक एनआईटी श्रीनगर में मंगलवार यान‌ि 5 अप्रैल को फिर जमकर बवाल हुआ। कुछ गैर स्थानीय छात्र घटना से परेशान होकर राज्य से बाहर माइग्रेशन करवाना चाह रहे थे, ज‌िसके ल‌िए इन छात्रों ने संस्थान में एक शांत‌िपूर्ण जुलूस न‌िकाला था। इसके बाद  पुलिस ने बाहरी छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर बुरी तरह पीटा। पुलिस की पिटाई से सौ से ज्यादा छात्र जख्मी हुए।

आरोप है कि पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों को बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा। इस दौरान एसपी स्तर के दो अधिकारी भी मौजूद थे। धरने पर बैठे छात्रों में अधिकतर तीसरे सेमेस्टर के छात्र हैं, जिनका यह भी कहना है कि उन्हें यहां अपना भविष्य असुरक्षित लग रहा है।

पुल‌िस की मार से डरे-सहमे और पिटे छात्रों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर गृहमंत्री, मानव संसाधन मंत्री और प्रधानमंत्री तक से मदद की गुहार लगाई। ज‌िसके बाद गृहमंत्री राजनाथ स‌िंह ने पूरे मामले में हस्तक्षेप क‌िया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और ट्वीट कर छात्रों को सुरक्षा का भरोसा द‌िया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed