मंदसौर गैंगरेप : 350 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 92 गवाहों के बयान दर्ज
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मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक नाबालिग बच्ची से हैवानियत की हद पार कर हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने 15 दिन के अंदर ही जांच पूरी कर कोर्ट के सामने 350 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दिया है। पुलिस ने यह चार्जशीट अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीशा गुप्ता की अदालत में पेश की है। पुलिस ने चार्जशीट में दोनों आरोपियों के खिलाफ 100 साक्ष्य और डॉक्टरों सहित 92 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा आरोप पत्र के साथ अदालत में 50 अन्य सामान भी पेश किये गए हैं, जिनमें आरोपियों इरफान (20) एवं आसिफ (24) द्वारा बच्ची को जान से मारने की नीयत से उस पर हमला करने वाले चाकू एवं कपड़े भी शामिल हैं।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व करने वाले सिटी सुपरिंटेंडेंट राकेश मोहन शुक्ला ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 363, 376(2) और 307 के तहत और पॉस्को एक्ट की धाराओं 5 और 6 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है। इन दोनों आरोपियों को उनके खिलाफ आरोप पत्र पेश करने के बारे में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये जेल में ही बता दिया गया है। दोनों आरोपी मंदसौर की जेल में हैं और सुरक्षा कारणों से उन्हें जेल में पेश नहीं किया गया, क्योंकि घटना के बाद स्थानीय लोगों में उनके खिलाफ बहुत आक्रोश है।
लोक अभियोजन बी एस ठाकुर ने बताया कि हम पूरी कोशिश करेंगे की इस मामले की सुनवाई एक महीने में पूरा हो जाये। इसी बीच मंदसौर के पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने बताया कि आरोप पत्र पेश करने के साथ ही इस मामले की हर रोज सुनवाई करने के लिए रास्ता साफ हो गया है। आपको बता दें कि मंदसौर में इस आठ वर्षीय बच्ची को 26 जून की शाम कथित तौर पर लड्डू खिलाने का लालच देकर उस वक्त अगवा कर लिया गया, जब वह स्कूल की छुट्टी के बाद पैदल अपने घर जा रही थी। सामूहिक बलात्कार के बाद कक्षा तीन की इस छात्रा को जान से मारने की नीयत से उस पर चाकू से हमला भी किया गया था। वह 27 जून की सुबह शहर के बस स्टैंड के पास झाड़ियों में लहूलुहान मिली थी। मामले में पुलिस ने इरफान एवं आसिफ को गिरफ्तार किया था।
