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पन्ना में खास तैयारी: जन्माष्टमी पर भगवान जुगल किशोर का अलौकिक शृंगार, हीरा जड़ित मुरली के होंगे दर्शन
Thu, 03 Sep 2026 07:13 PM IST
पन्ना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
Published by: पन्ना ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 07:13 PM IST
सार
पन्ना के जुगल किशोर मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान का विशेष शृंगार होगा। वृंदावन की पोशाक और हीरा जड़ित मुरली धारण कर भगवान रात 12 बजे विशेष दर्शन देंगे। 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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जन्माष्टमी पर जुगल किशोर मंदिर में उमड़ेगी आस्था
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुंदेलखंड के आराध्य देव और पन्ना की आस्था के केंद्र भगवान जुगल किशोर मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व इस बार भी बेहद खास होने जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान जुगल किशोर सरकार का विशेष शृंगार किया जाएगा। साल में सिर्फ एक दिन ऐसा अवसर आता है, जब भगवान जुगल किशोर को हीरा जड़ित विशेष मुरली धारण कराई जाती है। इस दुर्लभ मुरली और भगवान के आभूषणों में करोड़ों रुपये मूल्य के हीरे जड़े होने की बात कही जाती है।
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वृंदावन से आएगी भगवान की विशेष पोशाक
जन्माष्टमी के दिन भगवान जुगल किशोर वृंदावन से लाई गई विशेष पोशाक धारण करेंगे। इसके साथ ही भगवान को बेशकीमती हीरा जड़ित मुरली पहनाई जाएगी। इस विशेष शृंगार के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पन्ना पहुंचते हैं। बताया जाता है कि मुरली में खास किस्म का हीरा जड़ा हुआ है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘कोडिया’ किस्म का हीरा बताया जाता है। हालांकि इन बेशकीमती आभूषणों की आधिकारिक कीमत सार्वजनिक रूप से निर्धारित नहीं है, लेकिन इनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जाती है।
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बुंदेलखंड की आस्था का प्रमुख केंद्र है मंदिर
पन्ना का जुगल किशोर मंदिर बुंदेलखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान जुगल किशोर की मूर्ति वृंदावन से पन्ना लाई गई थी। स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार, बुंदेला शासकों के समय भगवान जुगल किशोर की भक्ति और मंदिर का महत्व तेजी से बढ़ा। मंदिर में विराजमान भगवान जुगल किशोर के विग्रह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान जुगल किशोर यहां स्वयंभू स्वरूप में विराजमान हैं। यही वजह है कि पन्ना ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड में भगवान जुगल किशोर को आराध्य देव के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है।
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जन्माष्टमी पर दुल्हन की तरह सजाया जाएगा मंदिर
जन्माष्टमी के अवसर पर जुगल किशोर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जाता है। जन्माष्टमी के दिन दोपहर 12 बजे भगवान के दर्शन होंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे और पूरे दिन जन्माष्टमी की तैयारियां चलेंगी। रात ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं को भगवान जुगल किशोर के विशेष और अलौकिक शृंगार के दर्शन होंगे।
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
जन्माष्टमी को लेकर मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पन्ना पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। श्रद्धालुओं में भगवान जुगल किशोर के विशेष शृंगार और हीरा जड़ित मुरली के दर्शन को लेकर खासा उत्साह है। भगवान जुगल किशोर का यह विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पन्ना की सदियों पुरानी परंपरा और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी है। साल में एक दिन होने वाले इस विशेष शृंगार के कारण जन्माष्टमी पर जुगल किशोर मंदिर आस्था, परंपरा और राजसी वैभव के अनूठे संगम का साक्षी बन जाता है।
