प्रॉपर्टी डीलर और उसकी प्रेमिका का कत्ल कर सड़क पर फेंकी लाश
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उत्तर प्रदेश में प्रापर्टी डीलिंग के नाम पर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त संदीप सिंह और उसकी प्रेमिका नूतन ओझा उर्फ रीतू सिंह को मंगलवार रात स्कार्पियो में बेरहमी से कत्ल कर दिया। दोनों की हत्या करने के बाद आरोपियों ने उनके शव को अलग अलग स्थानों पर फेक दिया।
मृतक प्रॉपर्टी डीलर और उनकी प्रेमिका साल भर पहले इलाहाबाद से लापता होने के बाद लखनऊ में रहने लगे थे। बुधवार सुबह संदीप की लाश हंडिया में जीटी रोड किनारे झाड़ी में जबकि रीतू का शव फोरलेन बाईपास हाईवे पर मिला। स्कार्पियो गाड़ी शवों से करीब पैंतीस किलोमीटर दूर नैनी में रीवा रोड किनारे खड़ी मिली।
कत्ल के पीछे जल निगम के अफसर का अपहरण और फिरौती वसूली रही। अपहरण में उन दोनों को मोहरा बनाने के बाद बदमाशों ने मार डाला। रात में दो कातिल लखनऊ में पकड़े गए। बुधवार भोर में कोखराज-हंडिया फोरलेन हाईवे पर उतरांव इलाके में सरायबंशी गांव के सामने युवती की लाश देख भीड़ लगी तो पुलिस पहुंची।
युवती की कनपटी में मारी गई थी गोली
लाल रंग की लेगिंग और काले-पीले रंग की कुर्ती पहने तकरीबन 30 वर्षीय युवती के गले में मंगलसूत्र, पैरों में पायल थे। लाल दुपट्टा भी था। उसकी कनपटी पर गोली मारी गई थी। तभी खबर मिली कि हंडिया में बगहा के पास झाड़ी में तकरीबन 32 साल के युवक की लाश मिली है। उसने जूते, जींस पैंट और बनियान पहनी थी।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी पहुंच गए। युवक के सिर पर गहरे जख्म थे। जबड़ा भी टूटा था। पांच किलोमीटर के फासले में युवक-युवती के शव मिलने से पुलिस उलझन में थी तभी सूचना मिली कि लगभग 35 किलोमीटर दूर नैनी में एग्रीकल्चर पुलिस चौकी के निकट रीवा रोड किनारे लावारिश स्कार्पियो मिली है, जिसके दरवाजे से खून रिसा है। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्कार्पियो की जांच की।
स्कार्पियो की बीच वाली सीट खून से सनी थी। अगली सीट पर भी खून फैला था। पुलिस ने आरटीओ से स्कार्पियो के नंबर (यूपी70-सीएस 5858) के जरिए जानकारीली तो पता चला कि गाड़ी ट्रांसपोर्ट नगर धूमनगंज निवासी तेज सिंह के पुत्र संदीप सिंह के नाम रजिस्टर्ड थी।
धूमनगंज पुलिस ने संदीप के घर जाकर उसके पिता को शव की तस्वीर दिखाई तो पुष्टि हो गई कि मारा गया युवक संदीप ही था। परिजनों ने युवती के भी शव की पहचान कर ली। बताया कि उसका नाम नूतन ओझा उर्फ रीतू था।
शादीशुदा संदीप एक साल पहले ही रीतू के साथ भागा था
संदीप सप्लाई डिपो के पास मिलेट्री इंजीनियरिंग सर्विस में तैनात था। तीन साल पहले उसका ब्याह हो चुका था। एक बेटी भी है। करीब साल भर वह पहले रीतू के साथ भाग गया था। शाम को रीतू के परिजन चीरघर पहुंचे। वह बेनीगंज करेली में रहने वाले त्रिलोचन पांडेय की बेटी नूतन थी।
उसका ब्याह हथिगवां प्रतापगढ़ निवासी ईंट-भट्ठा मालिक अरविंद ओझा से हुआ था। पिछले साल वह लापता हो गई। बाद में पता चला कि वह संदीप के साथ लखनऊ में है। उन्होंने बात फैलाई थी कि वे कई जिलों में प्रापर्टी का कारोबार करते हैं।
अपहरण में मोहरा बनाकर मार दिया
बुधवार रात तक दोहरे कत्ल से परदा हट गया। लखनऊ पुलिस ने कत्ल के सिलसिले में एयरपोर्ट के निकट इमरान समेत दो लोगों को पकड़ा। पता चला कि अपराधियों ने दो दिन पहले जल निगम अफसर अब्दुल सलीम फरीदी का अपहरणकरने के लिए रीतू को मोहरा बनाया था।
संदीप को भी इसी वजह से साथ लिया था। अफसर को अगवाकर इलाहाबाद लाकर दस लाख रुपये फिरौती बैंक खाते में ट्रांसफर कराने के बाद ही मुक्त किया गया। काम होने के बाद अपराधियों ने रीतू और संदीप को मार डाला।