पुलिस का खुलासा, रेकी कराने के बाद घटना को अंजाम देता था बावरिया गैंग
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इन बदमाशों से 10 से 12 दिन तक सटीक रेकी करायी जाती। उसके बाद बावरिया गैंग वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। जिनको तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बन जाता था। बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप की वारदात को भी बावरिया गैंग ने इसी तरीके से अंजाम दिया।
बुलंदशहर गैंगरेप के मुख्य आरोपी व बावरिया गैंग के सरगना सलीम ने दो दर्जन से अधिक लूट, डकैती और गैंगरेप जैसी वारदात करना कबूला है। आरोपी सलीम ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसके गैंग के सदस्य राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं।
वारदात करने से पहले सटीक रेकी यह गैंग लोकल के बदमाशों से कराता था। जिसके बदले में वह लोकल के बदमाशों को मोटा पैसा देते थे। बुलंदशहर गैंगरेप की वारदात में भी बावरिया गैंग ने लोकल बदमाशों की मदद ली थी। वारदात के बाद बावरिया गैंग वहां से फरार हो गया था। पुलिस अफसरों ने बताया कि किठौर में सलीम ने अपने गैंग के सदस्यों को बुलाया था। जिसके बाद वह बुलंदशहर हाईवे पर पहुंचे थे।
10 दिन कराई थी बदमाशों से रेकी
पुलिस के मुताबिक 10 दिन पहले बावरिया गैंग सरगना सलीम ने बुलंदशहर के बदमाश रहीस से संपर्क किया था। सलीम ने रहीस को बुलंदशहर हाईवे पर सटीक रेकी करने को कहा था।
जिस पर रहीस और उसके दो साथियों ने हाईवे पर दस दिन तक रात में रेकी की। रहीस ने बावरिया गैंग को बताया कि हाईवे पर रात में पुलिस गश्त नहीं होती। जिसके बाद सलीम और उसके साथी वहां पर पहुंचे थे।
रिंच, आरी लेकर चलते थे
सलीम बावरिया ने बताया कि वह वारदात के दौरान अपने साथ बैग में रिंच, आरी और प्लास लेकर चलते थे। हाईवे पर गाड़ी रोकने के लिये रिंच फेंकते थे। जिसकी आवाज सुनकर चालक गाड़ी रोक लेता था। उस रात भी सलीम ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे परिवार की कार के आगे रिंच फेंका था। दूसरी बार में गाड़ी रुकी, तभी उन्होंने कार में सवार लोगों को गन प्वाइंट पर ले लिया था।
बिहार, राजस्थान और यूपी में गैंग
पुलिस के मुताबिक सलीम बावरिया ने बताया कि उन्होंने बिहार, राजस्थान और यूपी में अपना जाल बिछाया हुआ है। तीनों राज्यों में उनका गैंग सक्रिय है। हर जिले के लोकल बदमाशों से उनका संपर्क है। लोकल बदमाश को वह अपना पता नहीं बताते। वारदात करते हैं और फरार हो जाते हैं। अगली वारदात में लोकल बदमाश को पहली हुई वारदात का पैसा देते है। उसके बाद अगला टारगेट देकर चले जाते हैं।