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चिकित्सा के नए कानून पर चर्चा करेंगे एम्स के डॉक्टर

Sat, 06 Jan 2018 07:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 06 Jan 2018 07:42 AM IST
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AIIMS doctor will discuss new law of medicine
एम्स
8 जनवरी को इस चर्चा में अस्पताल के फैकल्टी के साथ-साथ हेल्थ केयर प्रफेशनल्स, रेजिडेंट्स डॉक्टर, मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सिंग ऑफिसर को बुलाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत सिंह भट्टी ने बताया कि नए कानून को लेकर कई तरह की भ्रांतियां सामने आ रही हैं। साथ ही इसे लेकर आयुष और एलोपैथी के बीच बड़ा विवाद छिड़ गया है, जोकि गलत है।
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आयुष हो या फिर एलोपैथी, सभी डॉक्टर की श्रेणी में आते हैं। इसलिए किसी पर प्रतितक्रया करना गलत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का हर वर्ग इस कानून में बदलाव चाहता है। इसीलिए चर्चा में बदलावों को शामिल किया जाए।
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रक्तदाताओं को अवकाश देने पर सराहा

रक्तदान को प्रोत्साहन देने के लिए डीओपीटी के ताजा फैसले को हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) ने सराहा है। जानकारी के अनुसार डीओपीटी ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों को रक्तदान के लिए प्रत्येक वर्ष 4 दिनों की विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा। बशर्ते रक्तदान किसी लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक में किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य वर्ष 2020 तक 100 प्रतिशत स्वैछिक रक्तदान का लक्ष्य प्राप्त करना है।

हार्ट केअर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल के मुताबिक देश में हर साल 5 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जिसमें से केवल 2.5 करोड़ यूनिट रक्त ही उपलब्ध हो पा रहा है। कुल मिलाकर देखें तो देशभर में प्रत्येक वर्ष 12 लाख से अधिक यूनिट रक्त की कमी की चुनौती पेश आती है। भारत में रक्तदान करने योग्य लोगों की संख्या 51.2 करोड़ से अधिक है। 
 
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