MP Budget 2025: धान उत्पादन पर 850 करोड़ रुपये का प्रावधान, किसानों और पशुपालकों को बड़ी सौगात; जानें
MP Budget 2025: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट 2025 में किसानों के लिए कई सौगातें दी हैं। जिनमें ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय को 40 करोड़ से लेकर सीएम किसान योजना के लिए 5220 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।
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मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025 के बजट में किसानों, पशुपालकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि सरकार ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए रुपये 58 हजार 257 करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में रुपये 13 हजार 409 करोड़ अधिक है।
गेहूं और धान उपार्जन में किसानों को राहत
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 6.13 लाख किसानों से 48.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया, जिसके लिए रुपये 11,600 करोड़ किसानों के खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा, किसानों को रुपये 624.92 करोड़ का बोनस भुगतान भी किया गया। 6.69 लाख किसानों से 43.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसके लिए रुपये 10,011 करोड़ का भुगतान किया गया। धान उत्पादक किसानों को रुपये 4,000 प्रति हेक्टेयर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिसके लिए रुपये 850 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
कृषि एवं उद्यानिकी को बढ़ावा
फल, फूल और सब्जियों के बेहतर विपणन एवं प्रसंस्करण के लिए "प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना" के तहत 4,416 इकाइयों को लाभान्वित किया गया। "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" योजना के अंतर्गत किसानों को प्रत्यक्ष सिंचाई उपकरणों के माध्यम से जल संरक्षण एवं उत्पादन में वृद्धि का लाभ मिला। राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन के तहत रुपये 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन और डेयरी सेक्टर में सुधार
राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक विकास में पशुपालन की अहम भूमिका को देखते हुए "मुख्यमंत्री डेयरी विकास योजना" शुरू की गई। मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और दुग्ध संघों के संचालन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ अनुबंध को स्वीकृति दी गई। इससे दूध संकलन पर 5 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रस्तावित है।
किसान क्रेडिट कार्ड से लाभान्वित हुए लाखों किसान
बता दें कि अब तक 69.63 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इसके साथ ही 5.34 लाख पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिली। वहीं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 1.10 लाख से अधिक मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। 83,840 मत्स्य पालकों के लिए रुपये 236.74 करोड़ की साख सीमा स्वीकृत की गई।
राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का बढ़ता योगदान
साल 2011-12 से 2023-24 के बीच कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं का राज्य के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में योगदान 34% से बढ़कर 46% हो गया। इसी अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान 6% से बढ़कर 12.5% हो गया है।
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सौर ऊर्जा योजनाओं के लिए 447 करोड़ रुपये
किसानों को सौर ऊर्जा से लाभ दिलाने के लिए 447 करोड़ रुपये की मदद प्रस्तावित की गई है, जिससे उन्हें बिजली पर होने वाले खर्च में राहत मिलेगी और वे सौर ऊर्जा से अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और यह बजट कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाएगा।
कृषि क्षेत्र में कैसा था 2024 का बजट?
पिछले बजट में किसानों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त गेहूं पर 125 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की योजना बनाई थी, जिसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को सालाना 12,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई थी, जिससे करीब 82 लाख किसानों को फायदा हुआ। इसके अलावा, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं को कृषक उत्पादक संगठनों और कृषि स्नातकों के माध्यम से संचालित करने का फैसला किया गया था, ताकि युवाओं को रोजगार भी मिल सके।
पशुपालन और गौसंवर्धन को लेकर क्या था बजट?
2024 के बजट में गौ-वंश संरक्षण के लिए बड़ी घोषणाएं की गई थीं। प्रदेश में संचालित 2,190 गौशालाओं में गोवंश के आहार के लिए दी जाने वाली राशि को दोगुना कर 40 रुपये प्रति दिन कर दिया गया था। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा, दुग्ध उत्पादकों के लिए "मुख्यमंत्री सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना" भी शुरू की गई थी, जिसमें 150 करोड़ रुपये की राशि रखी गई थी। सरकार ने पिछले साल कृषि क्षेत्र में 23,000 करोड़ रुपये के फसल ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था।
