{"_id":"6467752fea728df4540d2097","slug":"worker-s-service-terminated-for-taking-bribe-in-housing-allotment-in-katni-2023-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Katni: आवास आवंटन में रिश्वत लेने पर कर्मी की सेवा समाप्त, निगमाध्यक्ष ने कार्रवाई के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Katni: आवास आवंटन में रिश्वत लेने पर कर्मी की सेवा समाप्त, निगमाध्यक्ष ने कार्रवाई के दिए निर्देश
Fri, 19 May 2023 06:40 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 19 May 2023 06:40 PM IST
सार
भवन आवंटित करने के नाम पर बीच सड़क पर अवैध वसूली करने वाले दैनिक वेतनभोगी प्रियंक सिंह ठाकुर की सेवा समाप्ति की कठोर कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
आवास आवंटन में रिश्वत
- फोटो : Amar Ujala Digital
-
- 1
-
Link Copied
विस्तार
आईएचएसडीपी आवास आवंटित करवाने के एवज पर 10 हजार की रिश्वत लेने के मामले में दैनिक वेतनभोगी प्रियंक सिंह ठाकुर पर कार्रवाई करते हुए उनकी समाप्त कर दी गई। आरोप है कि प्रियंक सिंह ठाकुर ने भवन आवंटित करने के नाम पर बीच सड़क पर रिश्वत ली थी। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद प्रियंक सिंह पर ये कार्रवाई अमल में लाई गई।
बता दें कि मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने मामले की जांच की। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्होंने कठोर कार्रवाई के लिए कमिश्नर सत्येंद्र धाकडे को पत्र लिखा था। इसके बाद नगर निगम कमिश्नर ने मामले की जांच का जिम्मा उपायुक्त को सौंपा था। इसके बाद उपायुक्त ने दैनिक वेतन भोगी प्रियंक सिंह ठाकुर को संबंधित सवालों को लेकर तीन दिन के भीतर जवाब तलब करने को लेकर नोटिस जारी किया था। जवाब संतुष्टि पूर्वक न मिलने पर दोष सिद्ध पाए गए, जिसके आधार पर प्रेम सिंह ठाकुर पर नगर निगम कमिश्नर ने कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। देखा जाए तो पूरे मामले पर नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक के पत्राचार के अनुसार कार्रवाई पूरी हुई है।
विज्ञापन
बता दें कि मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने मामले की जांच की। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्होंने कठोर कार्रवाई के लिए कमिश्नर सत्येंद्र धाकडे को पत्र लिखा था। इसके बाद नगर निगम कमिश्नर ने मामले की जांच का जिम्मा उपायुक्त को सौंपा था। इसके बाद उपायुक्त ने दैनिक वेतन भोगी प्रियंक सिंह ठाकुर को संबंधित सवालों को लेकर तीन दिन के भीतर जवाब तलब करने को लेकर नोटिस जारी किया था। जवाब संतुष्टि पूर्वक न मिलने पर दोष सिद्ध पाए गए, जिसके आधार पर प्रेम सिंह ठाकुर पर नगर निगम कमिश्नर ने कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। देखा जाए तो पूरे मामले पर नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक के पत्राचार के अनुसार कार्रवाई पूरी हुई है।
विज्ञापन
