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MP News: गेहूं के लिए छह महीने से परेशान हो रहे ग्रामीण, तकनीकी दिक्कत से नहीं बंट पा रहा

Wed, 19 Oct 2022 07:34 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 19 Oct 2022 07:34 AM IST
सार

पाली तहसील की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है। यहां तक की गेहूं रखा-रखा गेहूं खराब होने लगा है। जिम्मेदारों का कहना है कि सबकुछ मशीन से होता है, लेकिन उसमें कुछ महीनों से गेहूं देने का ऑप्शन नजर नहीं आ रहा। 

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Wheat is not being given to the poor in Umaria
राशन की दुकान पर लोगों को चावल ही बांटा जा रहा है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में लोगों को सरकारी दुकान से बीते छह महीने से गेहूं नहीं मिला है। उन्हें या तो बाजार से महंगे भाव से गेहूं खरीदना पड़ रहा है या आटा खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। शासकीय राशन दुकान की वितरण मशीन में गेहूं बांटने का ऑप्शन नहीं दिख पाने की वजह से ऐसा हो रहा है। जबकि गोदाम में गेहूं पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।  
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जानकारी के मुताबिक मामला उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली का बताया गया है। पाली तहसील की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है। यहां तक की गेहूं रखा-रखा गेहूं खराब होने लगा है। जिम्मेदारों का कहना है कि सबकुछ मशीन से होता है, लेकिन उसमें कुछ महीनों से गेहूं देने का ऑप्शन नजर नहीं आ रहा। इधर ग्रामीण परेशान हैं कि उन्हें खाने के लिए गेहूं नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में वे या तो ज्यादा दाम देकर बाजार से खरीदकर अपना काम चला रहे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब है, वे लोग चावल से पेट भर रहे हैं। 
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Wheat is not being given to the poor in Umaria
राशन दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में गेहूं का स्टॉक है, तकनीकी दिक्कतों से ये बंट नहीं पा रहा। - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि सरकार की ओर से गरीबों को हर महीने निर्धारित मात्रा में फ्री में गेहूं दिया जाता है। सारा वितरण पीओएस मशीन से होता है। बीते कुछ महीनों में पीओएस में गेहूं वितरण का विकल्प नहीं दिखाई देने से गेहूं वितरण रोक दिया गया है। गेहूं की भरपाई अब कोटे में चावल से की जा रही हैं। यानी अब जाड़े के मौसम में भी गरीब रोटी की बजाय चावल ही खाएगा। चालू माह में वितरित किए जाने वाले राशन से गेहूं की कटौती कर दी गई है। इसका असर मिड डे मील पर भी पड़ सकता है। 

खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले राशन में पहले प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री दिया जाता है। इसके तहत तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल वितरित किया जाता था। लेकिन अगस्त से गेहूं बिलकुल ही नहीं दिया जा रहा है। लोगों की मांग है कि इस समस्या का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए ताकि गरीबों को गेहूं जैसे अत्यावश्यक उपज के लिए परेशान न होना पड़े। 
 
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