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वोकल फॉर लोकल: शिवराज ने बनाए मिट्टी के दीये, गांव में कुमार के घर ही किया भोजन
Fri, 29 Oct 2021 05:04 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 29 Oct 2021 05:04 PM IST
सार
लोकल फॉर वोकल के नारे को मजबूती देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कुम्हार के घर दौरा किया। मिट्टी के बर्तन बनाना सीखा और भोजन भी किया।
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शिवराज सिंह मिट्टी के बर्तन बनाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में दीपावली पर वोकल फॉर लोकल का नारा दोहराया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बनाई सामग्री का इस्तेमाल किया जाए। इस पर अमल करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि राज्य में मिट्टी के दीयों का भरपूर इस्तेमाल हो। साथ ही लोग दीपावली पर ज्यादातर स्थानीय स्तर पर तैयार की गई सामग्री ही खरीदें।
इसी कड़ी में शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को खजुराहो पहुंचे। वहां से वे राजनगर के धमना गांव गए और कुम्हार समाज के लोगों की समस्याओं को जाना। धमना गांव में नोनेलाल प्रजापति के घर गए। वहां उन्होंने खुद भी दीये बनाने की कोशिश की। इस दौरान वहां बने दीये और दीपावली के खिलौनों का अवलोकन भी किया। शिवराज ने नोनेलाल के घर ही भोजन किया। प्रजापति परिवार मिट्टी के दीये और खिलौनों का व्यवसाय करता है।
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मुख्यमंत्री ने धमना गांव में स्थित रोशनी स्व-सहायता समूह के लोगों से भी मुलाकात की। रोशनी स्व-सहायता समूह टेराकोटा का काम करता है। मिट्टी के बर्तन, खिलौने, दीये और टेराकोटा का सामान इलाहाबाद, भोपाल, दिल्ली, गोवा, चंडीगढ़ और गुजरात के अन्य शहरों में बेचा जाता है।
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इसी कड़ी में शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को खजुराहो पहुंचे। वहां से वे राजनगर के धमना गांव गए और कुम्हार समाज के लोगों की समस्याओं को जाना। धमना गांव में नोनेलाल प्रजापति के घर गए। वहां उन्होंने खुद भी दीये बनाने की कोशिश की। इस दौरान वहां बने दीये और दीपावली के खिलौनों का अवलोकन भी किया। शिवराज ने नोनेलाल के घर ही भोजन किया। प्रजापति परिवार मिट्टी के दीये और खिलौनों का व्यवसाय करता है।
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मुख्यमंत्री ने धमना गांव में स्थित रोशनी स्व-सहायता समूह के लोगों से भी मुलाकात की। रोशनी स्व-सहायता समूह टेराकोटा का काम करता है। मिट्टी के बर्तन, खिलौने, दीये और टेराकोटा का सामान इलाहाबाद, भोपाल, दिल्ली, गोवा, चंडीगढ़ और गुजरात के अन्य शहरों में बेचा जाता है।
