उज्जैन के महाकाल मंदिर से ही पकड़ा गया था दिल्ली का कुख्यात गैंगस्टर प्रवेश मान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Updated Sat, 11 Jul 2020 10:32 AM IST
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महाकाल मंदिर
महाकाल मंदिर - फोटो : Mahakal Mandir FB

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को दबिश देने गई पुलिस की टीम पर साथियों के साथ हमला कर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने वाले विकास दुबे को शुक्रवार को एनकाउंटर में मार गिराया गया। उसे मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इस घटना के बाद से महाकाल मंदिर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 
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बता दें कि, गिरफ्तारी के बाद दुबे को कानपुर लाया जा रहा था, तभी रास्ते में एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। इसके बाद दुबे ने पुलिस कर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विकास को मुठभेड़ में मार गिराया। 
वहीं, उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद से यहां की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद कर दी गई है। हालांकि, यह मंदिर परिसर में किसी गैंगस्टर के पकड़े जाने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले गैंगस्टर प्रवेश मान को भी यहीं से पकड़ा गया था। 

यह भी पढ़ें: विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत, नरोत्तम मिश्रा बोले- कानून ने किया अपना काम

दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर प्रवेश मान को 27 अक्तूबर, 2018 को उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था। मान नीरज बवाना गैंग का सदस्य था। स्थानीय सायबर सेल को मुखबिर ने सूचना दी कि मान मंदिर पहुंच रहा है, इसके बाद पुलिस की टीम ने मंदिर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया था। मान को बाद में दिल्ली एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को सौंप दिया गया था। 

मान पर दिल्ली के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज थे। हालांकि, एक बार फिर उज्जैन शहर दुबे के पकड़े जाने और उसके एनकाउंटर से सुर्खियों में आ गया है। महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु हर रोज यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अपराधियों के भी यहां आने की आशंका बनी रहती है। 

शीघ्र दर्शन टिकट के लिए दिखाना होगा पहचान-पत्र
विकास दुबे की घटना के बाद से मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन के लिए टिकट खरीदने पर अब श्रद्धालुओं को अपना पहचान-पत्र दिखाना होगा, इसके बाद ही उन्हें टिकट दिया जाएगा। शुक्रवार से इस नियम को लागू कर दिया गया। 

कुछ समय पहले तक 250 रुपये का शीघ्र दर्शन टिकट खरीदने पर श्रद्धालुओं को पहचान-पत्र दिखाना होता था। साथ ही कर्मचारी टिकट खरीदने वाले श्रद्धालु की फोटो भी खींचते थे, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसका विरोध किया गया था। लेकिन गुरुवार को विकास दुबे द्वारा भी इसी टिकट के खरीदे जाने के बाद से नियमों में बदलाव किया गया है और इसे अधिक सख्त बना दिया गया है। 
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