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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Vidisha: farmer bought a new iron rod and wrapped it on his body told the collector now he will not be untouch

Vidisha: दलित किसान ने लोहे की नई ज़रीब खरीदकर शरीर पर लपेटी, कलेक्टर से कहा- अब अछूत नहीं होगी, ज़मीन नाप दो

Sun, 25 Jun 2023 08:50 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sun, 25 Jun 2023 08:50 AM IST
सार

विदिशा जिले के बापचा गांव में छूआछूत का मामला सामने आया है। यहां एक दलित किसान ने पटवारी और चौकीदार पर जमीन की नपती न करने का आरोप लगाया और शनिवार को जमीन की नपती के लिए नई जरीब लपेटकर कलेक्ट्रेट पहुंचा।

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Vidisha: farmer bought a new iron rod and wrapped it on his body told the collector now he will not be untouch
जरीब लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की आजादी को भले ही 75 वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया हो लेकिन  छुआछूत का दंश आज भी नहीं मिटा है। हाल ही में छुआछूत का मामला मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के अंतर्गत आने वाली लटेरी तहसील के ग्राम बापचा से सामने आया है। बापचा गांव से लगभग 130 किलोमीटर का सफर तय कर फरयादी मलखान अहिरवार अपनी जमीन की नपती की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। मलखान को देखकर जिले का हर शख्स हैरान था ,क्यूंकि मलखान ने अपने शरीर को लोहे की जंजीरों से जकड़ रखा था, मलखान का कहना था कि आख़िर वो जरीब कहां से लाऊं जिससे दलित की जमीन नापी जा सके।
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पटवारी चौकीदार पर लगाए आरोप
मलखान ने जमीन के सीमांकन और नपती के मामले में पटवारी और चौकीदार पर छुआछूत सहित पैसों को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाएं हैं। आंखों में आंसू लिए दलित किसान मलखान ने बताया कि जमीन नापने के उपयोग में लाई जाने वाली जरीब जो पटवारी के पास पहले से मौजूद थी, लेकिन उसका कहना था कि वह ठाकुरों और सवर्णों की जमीन नापने के लिए है, मलखान अहिरवार की जमीन नापने के लिए नई जरीब खरीदी गई है ताकि पुरानी जरीब छुआछूत से खराब ना हो सके। मलखान ने यह आरोप भी लगाए कि पटवारी को उन्होंने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए 5000 रुपये और गांव के चौकीदार को 2000 रुपये भी रिश्वत के रूप में दिए हैं, जिसके बाद भी उसकी जमीन की नपती नहीं हो सकी।
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पुलिस की मौजूदगी में होगा सीमांकन
दलित और सवर्णों के इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने कहा है कि सीमांकन का कार्य किया जा रहा था, लेकिन वहां विवाद की स्थिति बन गई। मलखान अहिरवार वहां से भाग खड़े हुए, लेकिन कलेक्टर ने दोबारा सीमांकन पुलिस वालों की सुरक्षा में कराए जाने के निर्देश दिए हैं, छुआछूत के मामले में उन्होंने एक लम्बी चुप्पी साध ली ओर कुछ भी नहीं बोले।
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